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Body Pain Problem: शरीर में बेवजह बना रहता है दर्द? तो इस गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत, कोरोना बढ़ा रहा खतरा

Body Pain Cause-Prevention: क्या आपके शरीर में बेवजह दर्द बना रहता है। इस दर्द के पीछे दो वजहे हैं। कोविड संक्रमण के बाद भी लोगों में ऐसे दर्द बने रहने की समस्या पाई गई है।

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Ritu Singh

May 11, 2022

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covid patients fibromyalgia body muscle pain cause

बॉडी में बराबर कहीं न कहीं दर्द बने रहने की वजह फाइब्रोमायल्जिया नामक बीमारी है। लोगों को शारीरिक दर्द के साथ ही कई प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी इस बीमारी में देखने को मिलती हैं। जोड़ों के साथ मांसपेशियों और पूरी बॉडी में दर्द बने रहने के साथ अगर आपको दर्द बर्दाश्त करने की क्षमता में कमी महसूस हो रही तो आपको ये न्यूज जरूर पढ़नी चाहिए।
फाइब्रोमायल्जिया क्या है और ये अचानक क्यों बढ़ रहा है? साथ ही इसके लक्षण और उपचार क्या हैं बताएं।

Fibromyalgia: फाइब्रोमायल्जिया एक बहुत ही आम मांसपेशियों से जुड़ी समस्या है,जिसमें मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द , अकड़न और ऐंठन होती है। कई बार ये दर्द डेली रूटीन को भी इफेक्ट करने लगता है।

फाइब्रोमायल्जिया के क्या लक्षण हैं?
1. शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक से गंभीर दर्द होना।
2. जबड़ों में दर्द और जकड़न महसूस होना।
3. चेहरे की मांसपेशियों और आस-पास के ऊतकों में दर्द होना।
4. सुबह उठने के साथ ही जोड़ों और मांसपेशियों में अकड़न
5. सिरदर्द की समस्या बढ़ना।
6. नींद के पैटर्न में बदलाव या नींद न आना।
7. इरेटबल बाउल सिंड्रोम।
8. मासिक धर्म के समय दर्द की समस्या।
9. हाथों और पैरों में झुनझुनी और सुन्नता।
10. ठंड या गर्मी के प्रति संवेदनशीलता
11. स्मृति और एकाग्रता की समस्या जिसे "फाइब्रो-फॉग" के रूप में जाना जाता है।
12. तनाव या अवसाद की समस्या।

फाइब्रोमायल्जिया क्यों होता है?
1. फाइब्रोमायल्जिया होने के पीछे वजह क्लियर नहीं है। हालांकि, इसे मस्तिष्क में होने वाली कुछ दिक्कतों से जोड़ कर देखा जाता है।
2. फाइब्रोमायल्जिया का कारण जेनेटिक भी हो सकता है और इसके पीछे कारण रुमेटाइड आर्थराइटिस, ल्यूपस या स्पाइनल आर्थराइटिस भी होता है।
3. अगर किसी को शारीरिक या भावनात्मक दोनों कष्ट मिले हों तो उसे भी ऐसे दर्द होते हैं।
4. बार-बार एक ही जगह पर लगने वाली चोट के कारण भी ऐसा होता है।
5. रुमेटाइड आर्थराइटिस या अन्य ऑटोइम्यून रोग जैसे ल्यूपस के चलते।
6. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) की समस्याएं के चलते।

फाइब्रोमायल्जिया का क्या इलाज है?
फाइब्रोमायल्जिया के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए मेडिकेशन की जरूरत होती है। साथ ही एक्यूपंक्चर, मनोचिकित्सा, बिहेवियर मोडिफिकेशन थेरपी या फिजियोथेरपी से भी इसे सही किया जा सकता है। एक्सरसाइज भी इस बीमारी को ठीक करती है।

फाइब्रोमायल्जिया में डाइट
फाइब्रोमायल्जिया में डाइट पर फोकस करना बहुत जरूरी होता है। इस बीमारी में हाई फाइबर और लो ग्लूटेन डाइट लेना चाहिए। विटामिन सी और कैल्शिमय के साथ विटामिन डी, जिंक और मैग्नीशियम युक्ल डाइट लेना चाहिए।

कोविड पेशेंट्स में फाइब्रोमायल्जिया क्यों बढ़ रहा है?
पोस्ट कोविड बीमारियों में फाइब्रोमायल्जिया सबसे कॉमन है। स्ट्रेस, वीकनेस की समस्या भी फाइब्रोमायल्जिया को ट्रिगर करता है। कोविड के दौरान विटामिन मिनरल्स की कमी के साथ स्ट्रेस बहुत बड़ा कारण होता है और ये कोविड खत्म होने के बाद भी बना रहता है। लंग्स को होने वाले नुकसान के कारण भी ये समस्या होती है।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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