
नजरअंदाज न करें कान, जोड़, नाक व पेट की ये आवाजें
कई बार शरीर से आने वाली आवाजों को नजरअंदाज करना किसी गंभीर रोग का एक लक्षण हो सकता है। जैसे कान में अचानक सीटी बजने जैसा महसूस होना, खर्राटे, सांसों की आवाज, पेट में गुडग़ुड़ाहट, जोड़ों का चटकना आना आदि को लंबे समय तक नजरअंदाज करना समस्या को बढ़ा सकता है। ऐसे में डॉक्टरी सलाह लेकर इनका समय रहते इलाज जरूरी है।
कान में सन्नाहट
कान में यह दिक्कत होना बेहद आम है। इसका मुख्य कारण कान में फंगल इंफेक्शन होना है। इसके अलावा अधिकतर लोगों को ऐसा रात के समय या सर्दी के मौसम में होता है। सर्द हवाओं के ज्यादा संपर्क में रहने पर कान में दर्द व झन्नाहट के साथ आवाजें भी आती हैं। कई बार बच्चों या बड़ों को कान की टिनीटस बीमारी से भी ऐसा होता है।
जबड़े की आवाज
भोजन के दौरान या बातें करते समय अचानक जबड़ों की कटकट आवाज का कारण ऊपर व नीचे के जबड़ों में सही अलाइनमेंट का न होना या जबड़ों के लॉक होने की स्थिति में होता है।
जोड़ों का चटकना
अक्सर लोगों को अंगुलियां व जोड़ों को चटकाने की आदत होती है। कुछ लोगों में बिना आदत के भी उठने-बैठने के दौरान जोड़ों के चटकने की आवाज आती है। यह जॉइंट्स में लिक्विड की कमी से हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने से गठिया और आर्थराइटिस जैसे रोगों का खतरा रहता है।
पेट से गड़गड़ाहट
इसका मुख्य कारण सही से भोजन न पचना है। इसके अलावा आवाज के साथ दर्द महसूस हो या पेट पर सूजन हो तो यह लिवर से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
नाक से सीटी की आवाज
इसकी वजह नेजल पाथ का ब्लॉक होना है। कई मामलों में इसका कारण नाक के पास मौजूद साइनस में ब्लॉकेज होना है जिस कारण सांस लेने में दिक्कत होती है व आवाज आती है। नाक की संरचना में विकृति से भी कई बार म्यूकस के लगातर जमा होने से ऐसा होता है।
खांसने पर खरखराहट
एलर्जी, फेफड़ों में संक्रमण और गले में कफ के जमने से ऐसी आवाज आती है। लंबे समय तक इस तरह की आवाजें आना अस्थमा के कारण भी होता है।
Published on:
08 Jul 2019 08:00 am
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