
Constipation problem in children: बच्चों में खराब दिनचर्या के चलते कब्ज की समस्या अधिक हो रही है। इससे उनका मल कठोर आता है। आमतौर परिजन इसे सामान्य समस्या मानते हैं, लेकिन इससे उनमें तकलीफ भी होती है।
आम है समस्या
दरअसल यह समस्या 80% बच्चों में आम है। चूंकि उनके आहार में फाइबर की कमी और सही तरीके से पेट साफ न होना और फिजिकल एक्टिविटी का कम होना है। अगर बच्चे को कोई समस्या तो ध्यान रखें।
पर्याप्त हो फाइबर
फाइबर की मौजूदगी से पाचन में सुधार होता है। पर्याप्त फाइबर की आपूर्ति के लिए हरी सब्जियां, फल, सलाद, दलिया, खिचड़ी आदि को खाने को दें।
न हो पानी की कमी
सर्दी के दिनों में भी बच्चों को पानी कमी न होने दें। इसके साथ ही बच्चों को हर दो घंटे पर कुछ न कुछ खाने को दें। इससे भी कब्ज में राहत मिलेगी।
इन वजहों से भी दिक्कत
छोटे बच्चों में कई बार मां का दूध ज्यादा पी लेने से भी यह समस्या हो सकती है।
दूध के साथ किसी तरह का अन्न ग्रहण करना भी कई बार कब्ज का कारण बनता है।
डेयरी उत्पादों का सेवन करने से यह समस्या पैदा हो सकती है।
रोगी बच्चों में आहार परिवर्तन और दवाइयां लेने से भी कब्ज की समस्या हो सकती है।
टॉयलेट ट्रेनिंग जरूरी
टॉयलेट जाना सही तरह से सिखाएं। सुबह ब्रेकफास्ट के बाद जाना बेहतर होता है।
बिना दबाव के रहें बच्चे
टॉयलेट जाने के लिए दबाव न डालें, बल्कि उन्हें जरूरत होने पर ही भेजें।
कहीं रोगी तो नहीं बच्चा
यह भी देखें कि कहीं बच्चा किसी रोग से ग्रस्त या मानसिक कमजोर तो नहीं है।
हाइपोथायरॉइड
थायरॉइड की कमी होने से भी बच्चों में इस तरह की समस्या पैदा हो जाती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
22 Aug 2023 06:05 pm
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