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Headache Dangerous Signs: महीने में 8 दिन रहता है सिर दर्द? तो हो सकता है हार्ट फेल से लेकर हाई बीपी और डिप्रेशन तक का खतरा

When Migraine Cause Heart attack: सिर में दर्द को अगर आप हल्के में लेते हैं तो आपके लिए ये खबर बहुत खास है। ज्यादा सिरदर्द एक बीमारी का संकेत है।
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Ritu Singh

•

Jun 05, 2022

Migraine

Migraine: माइग्रेन से बचाव क्यों है जरूरी

क्या आप महीने में आठ या अधिक दिन सिरदर्द से पीड़ित रहते हैं? तो यह अलार्मिंग साइन है, क्योंकि ये माइग्रेन का कारण है। माइग्रेन तब और खतरनाक हो जाता है जब ये क्रोनिक माइग्रेन में बदल जाए।

क्रोनिक माइग्रेन दिल के दौरे, उच्च रक्तचाप और गंभीर अवसाद यानि डिप्रेशन की वजह बनता है।

माइग्रेन सिरदर्द दो प्रकार के होते हैं - प्राइमरी और सेकेंडरी। सेकेंडरी माइग्रेन अन्य बीमारियों से जुड़ा होता है, जबकि सबसे ज्यादा प्राइमरी माइग्रेन ही होता है। ये एक प्रोटोटाइप सिरदर्द होता है और इसे माइग्रेन के रूप में जाना जाता है।

युवाओं में होता है सबसे ज्यादा खतरा
20-40 के लोगों में माइग्रेन सबसे ज्यादा पाया जाता है। खास कर महिलाओं में होता है। एस्ट्रोजन के स्तर में असंतुलन के कारण महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक माइग्रेन होता है।

माइग्रेन के कारण
माइग्रेन की शुरुआत के पीछे कई कारण और फूड्स जिम्मेदार हो सकते हैं। एसिडटी, तनाव, मोटापा, नींद की कमी या अधिकता, तंत्रिका संबंधी कारण, उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, बहुत अधिक गैजेट्स का यूज, महिलाओं में हार्मोनल परिवर्तन और आनुवंशिक कारण भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं।

माइग्रेन के ट्रिगर को पहचानना जरूरी
माइग्रेन होने की वजह कई बार हमारे खानपान और आसपास के कंडीशन से भी जुड़ी होती है। महीने में अगर आपको 8-15 दिन सिरदर्द रहता है तो आपको यह ध्यान देना होगा कि आपके सिर दर्द का कारण क्या है। कॉफीख् चॉकलेट, पनीर, चीज, मशरूम, प्रॉसेसेड फूड, खमीर वाले खाने, गरिष्ठ भोजन, नींद की कमी या अधिकता, बहुत गर्मी या ठंडक आदि ये सब माइग्रेन को बढ़ाते हैं। वहीं, कुछ दवाएं भी माइग्रेन का कारण होती हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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