रोग और उपचार

Health News: ग्रीन ब्लड से दूर की जा सकती है खून की कमी, जानें कैसे

Health News: अमरीकी डॉक्टर ए. विग्मोर ने गेंहू के पोषक और औषधीय गुणों पर लंबे शोध व गहन अनुसंधान के बाद पाया है कि शारीरिक कमजोरी, खून की कमी, दमा...
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Updated: 20 Aug 2021, 11:39 PM IST
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Health News: शारीरिक कमजोरी, खून की कमी, दमा, खांसी, पीलिया, डायबिटीज और बवासीर जैसे रोगों में गेहूं के ज्वारे का रस काफी फायदेमंद हो सकता है।

एंटीऑक्सीडेंट का खजाना

कोशिकाओं को फिर से बनाने की क्षमता और उच्चकोटि के एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण ये ज्वारे कैंसर जैसे घातक रोग की प्रारंभिक अवस्था में बहुत उपयोगी होते हैं। इन्हें पीसकर फोड़े-फुंसियों व घावों पर लगाने से यह एंटीसेप्टिक और एंटीइंफ्लैमेट्री की तरह काम करते हैं। इसके रस में मौजूद क्लोरोफिल काफी फायदेमंद होता है। यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालकर शरीर की सफाई करता है। इससे पाचन प्रक्रिया में सुधार होता है।

ऐसे करें तैयार

मिट्टी के कुंडे में खाद मिली हुई मिट्टी लें और अब इसमें गेहूं बोएं। पानी डालकर इसे छाया में रखें। ध्यान रखें कि सूरज की रोशनी कुंडे पर ज्यादा और सीधी न लगेें। इसमें रोजाना पानी दें। आठ से नौ दिनों में इनमें आए हुए हरे ज्वारों को काटकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

ऐसे करें प्रयोग

ज्वारे काटने के बाद इन्हें धो लें। फिर इन्हें पानी मिलाकर मिक्सी में ब्लैंड कर लें। इसमें शहद या अदरक भी डाल सकते हैं, छानकर इस जूस को पिएं। इसे हमेशा ताजा ही पिएं क्योंकि तीन घंटे में इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हंै। खाली पेट यह रस पीने से ज्यादा लाभ होता है। इसे पीने के आधे घंटे पहले और बाद में कुछ न खाएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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