12 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Heart disease – पुरुषों की तुलना में महिलाओं को हृदय रोग का ज्यादा खतरा

महिलाओं में हृदय रोग ( Heart disease ) का पता देर से चल पाता है और हर साल दिल की बीमारियों से पीड़ित हर तीन में से एक महिला मरीज की मौत हो जाती है

2 min read
Google source verification
heart attack

Heart disease - पुरुषों की तुलना में महिलाओं को हृदय रोग का ज्यादा खतरा

दुनियाभर में हृदय रोग बड़ी बीमारियों में से एक है। शुरुआत में इसके लक्षणों की पहचान कर इसे गंभीर होने से रोका जा सकता है। जिन्हें आनुवांशिक कोरोनरी धमनी की बीमारी हो, उन्हें हृदय रोगों से बचने के लिए नियमित जरूरी जांचें कराते रहना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में हृदय रोग ( heart disease ) का पता देर से चल पाता है और हर साल दिल की बीमारियों से पीड़ित हर तीन में से एक महिला मरीज की मौत हो जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार हृदय रोग महिलाओं में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। महिलाओं में होने वाले सभी सात तरह के कैंसरों की तुलना में अधिक महिलाओं की मृत्यु हृदय रोग से हो जाती है। दुर्भाग्य से कैंसर ( cancer ) की तुलना में हृदय रोग के बारे में जागरूकता का स्तर बहुत कम है। इसलिए, महिलाओं का पुरुषों की तुलना में तेजी से न तो निदान होता है और न ही इलाज।

heart attack cause and symptoms

कुछ हृदय रोग जोखिम कारक महिलाओं के लिए अद्वितीय हैं, जिनमें पोस्टमेनोपॉजल स्टेटस, हिस्टेरेक्टॉमी, गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग और गर्भावस्था तथा इसकी जटिलताएं शामिल हैं। महिलाओं में दिल के दौरे के ( Heart attack ) लक्षण पुरुषों से भिन्न होते हैं। हालांकि दिल के दौरे का सबसे आम लक्षण ( heart attack symptoms ) सीने में दर्द ( Chest pain ) या बेचैनी है। महिलाओं में जबड़े, गर्दन या पीठ (कंधे के ब्लेड के बीच), अकारण कमजोरी या थकान के साथ दर्द की संभावना अधिक होती है। उनमें सांस की तकलीफ जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। खांसी, चक्कर आना या मतली भी इसके कुछ लक्षण हैं। इसके परिणामस्वरूप अक्सर गलत निदान हो जाता है और उपचार में देरी होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में हृदय की समस्या एक बदतर रोग है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में लगभग एक दशक बाद हृदय रोग विकसित होता है, लेकिन उनके परिणाम पुरुषों की तुलना में अक्सर खराब होते हैं।

महिलाएं दिल की समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श नहीं करतीं। इनमें टैकीकॉर्डिया का इलाज भी नहीं किया जाता है और आमतौर पर यह चिंता का कारण बन जाता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि महिलाओं में हृदय के इलेक्ट्रिकल डिस्ऑर्डर होना अत्यधिक सामान्य बात है। उनमें अक्सर दिल धड़कने की दर में वृद्धि हो जाती है, जिसे पैल्पिटेशन कहते हैं। 130 या 140 से अधिक की हृदय गति खतरनाक मानी जाती है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

बचाव के लिए क्या करें ( heart disease prevention )
सप्ताह के अधिकांश दिनों में वजन प्रबंधन के लिए कम से कम 30 मिनट और 60 से 90 मिनट के लिए मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि में हिस्सा लें। सिगरेट पीने और निष्क्रिय धूम्रपान से बचाव किया जाना चाहिए। कमर का साइज 30 इंच से कम रखें। दिल के अनुकूल आहार लें। आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल करें।

65 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में डॉक्टर के परामर्श से प्रतिदिन एस्पिरिन लेने पर विचार किया जा सकता है। धूम्रपान करने वाली महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों से बचना चाहिए। अगर डिप्रेशन के लक्षण दिखें तो इलाज करवाएं। उच्च रक्तचाप को नियंत्रण करें। एंटीऑक्सिडेंट विटामिन सप्लीमेंट का इस रोग में कोई फायदा नहीं है। फोलिक एसिड सपोर्ट का भी कोई उपयोग नहीं है। हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी न लें।

बड़ी खबरें

View All

रोग और उपचार

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल