23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जानवर-कीट काटे तो घबराएं नहीं, तत्काल डॉक्टर को दिखाएं

कई बार घरेलू, घुमंतू, जंगली जानवर या फिर कोई कीट, छिपकली या सर्प ही काट लेता है तो परिजनों को समझ में नहीं आता है कि क्या करें। कई बार घरेलू जानवर भी काट लेते या उनकी नाखूनों से खरोंच लग जाती है। अगर पालतू है और वैक्सीन लगी है तो मामूली घाव में चिंता न करें लेकिन एक बार डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी होता है। डॉक्टर जानना चाहते हैं कि उस जानवर को वैक्सीन लगी है या नहीं। अगर लगी है तो कितने दिन पहले आदि।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Jyoti Kumar

Sep 11, 2023

animal_bites.jpg

कई बार घरेलू, घुमंतू, जंगली जानवर या फिर कोई कीट, छिपकली या सर्प ही काट लेता है तो परिजनों को समझ में नहीं आता है कि क्या करें। कई बार घरेलू जानवर भी काट लेते या उनकी नाखूनों से खरोंच लग जाती है। अगर पालतू है और वैक्सीन लगी है तो मामूली घाव में चिंता न करें लेकिन एक बार डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी होता है। डॉक्टर जानना चाहते हैं कि उस जानवर को वैक्सीन लगी है या नहीं। अगर लगी है तो कितने दिन पहले आदि।

डॉग या घरेलू जानवर काटे तो...

घरेलू जानवर, जंगली और घुमंतू की तुलना में ज्यादा सुरक्षित होते हैं लेकिन कई बार वे भी काट लेते हैं। ऐसा होता है तो सबसे पहले घाव को अच्छे से धोएं। घर में कोई एंटीसेप्टिक लोशन है तो उससे भी धो सकते हैं। नहीं तो साबुन से अच्छी तरह धोएं। इसके बाद वहां कोई एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं। अगर जानवर को वैक्सीन लगी है तो ज्यादा चिंता की बात नहीं है। लेकिन ज्यादा घाव है तत्काल डॉक्टर को दिखाएं और उनसे राय लें। आपने पिछले पांच वर्षों में टिटनेस का टीका नहीं लगाया है तो वह भी लगवा लें। अगर घाव ठीक नहीं हो रहा या काटने वाले जानवर की स्थिति ठीक नहीं है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।

कोई जंगली जानवर या बंदर काटे तो

बाहरी और जंगली जानवरों में कुत्ता, बिल्ली, सियार और बंदरों का काटना आम बात है। इनसे न केवल मांस को नुकसान होता है बल्कि कई बार इनके काटने से हड्डियों तक को नुकसान पहुंचता है। इसलिए जब भी ये काटें तो घाव को तत्काल खून बंद होने तक साफ पानी और साबुन से धोते रहें। इसके बाद वहां कोई एंटीसेप्टिक या एंटीबायोटिक लोशन लगाएं। सभी जंगली होते हैं। इनको वैक्सीन नहीं लगे होते हैं। इसलिए तुरंत अपने चिकित्सक से मिलकर रेबीज का वैक्सीन लगवाएं। अगर संभव हो तो उस जानवर की जानकारी रखें ताकि पता चले कि उसे रैबीज तो नहीं है।

कोई कीट या सांप काट ले तो क्या करें

सांप के काटने के बाद मरीज की स्थिति खराब होने का इंतजार न करें, तुरंत इमरजेंसी में इलाज कराएं। कौनसा सांप था और काटने का समय भी ध्यान रखें। घाव से खून निकल रहा है तो बहने दें। मरीज को पैनिक न करें। छिपकली या दूसरे कीट काटते हैं तो घाव को अच्छे से धोएं। वहां कोई क्रीम लगा सकते हैं। सूजन है तो वहां बर्फ से सेक कर सकते हैं। डॉक्टर को भी दिखाएं।

बड़ी खबरें

View All

रोग और उपचार

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल