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अगर आप भी हैं स्लीप एपनिया के शिकार तो करना होगा इस तरह इलाज

मौजूदा समय में स्लीप एपनिया जैसी समस्या का शिकार हर कोई है। जिसकी वजह से और भी गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ जाता। वहीं कुछ गंभीर रोग भी लग जाते हैं। आज इस आर्टिकल में इसी समस्या और इसके हल के बारे में आपको बताया जा रहा है।
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Saurabh Sharma

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Updated: 31 Mar 2021, 5:24 PM IST

If you have also sleep apnea, then you have to be treated like this

If you have also sleep apnea, then you have to be treated like this

नई दिल्ली। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) एक ऐसी शारीरिक समस्या है, जिसमें नींद के दौरान गले की मांसपेशियां बहुत अधिक शिथिल हो जाती हैं। इस तरह शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाती है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया को OSA भी कहा जाता है। इसके गंभीर मामलों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की कमी से मस्तिष्क को नुकसान हो सकता है, जिसके चलते याददाश्त कमजोर होना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और चिड़चिड़ापन हो सकता है।

स्लीप एपनिया के कारण इन बीमारियों का हो सकते हैं शिकार
जयपुर स्थित एटर्नल हार्ट केयर सेंटर के पल्मोनरी मेडिसिन के एचओडी डॉ. केके शर्मा बताते हैं कि अध्ययनों से पता चला है कि नींद में कमी से श्वेत रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी कमी आती है, जिससे व्यक्ति का मन अशांत हो जाता है, चिड़चिड़ापन होता है और सतर्कता में कमी आती है। वास्तव में, कई अध्ययनों से स्लीप एपनिया के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का भी पता चला है, क्योंकि ऐसी स्थिति में गाड़ी चलाते वक्त व्यक्ति अपने आसपास की चीजों के प्रति सतर्क नहीं रह पाता है। स्लीप एपनिया की वजह से डायबिटीज, हृदय रोग, हार्ट फेलियर, हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर), मोटापा और कुछ मामलों में स्ट्रोक जैसी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। कई अध्ययनों से पता चला है कि, OSA की वजह से लोगों को इन बीमारियों से जूझना पड़ता है, साथ ही इन बीमारियों के इलाज के दौरान भी अक्सर OSA को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

क्या आपको भी होती है इस तरह की परेशानी
- क्या आप रात में सोते समय खर्राटे लेते हैं?
- क्या आप दिन के समय थकान, सुस्ती या बेवजह उलझन महसूस करते हैं?
- क्या किसी ने यह महसूस किया है कि सोते समय कभी-कभी आपकी साँस रुक जाती है?
- क्या आपको हाई ब्लड प्रेशर है?
- क्या आपकी उम्र 30 से 60 के बीच है?
- क्या आपकी गर्दन की मोटाई 40 सेंटीमीटर से ज्यादा है?

तो तुरंत कराएं जांच
डॉ. केके शर्मा के अनुसार अगर आप इनमें से किसी एक या एक से ज्यादा सवालों का जवाब 'हां' में देते हैं, तो निश्चित तौर पर आपको OSA की जांच करानी चाहिए। रात को चैन से सोने का मतलब यह है कि आप पूरी रात आराम से सांस लेते हैं, आपके अंगों को पूरा आराम मिलता है, और ऑक्सीजन की सही मात्रा आपके मस्तिष्क तक पहुंचती है। OSA का सही समय पर इलाज कराने से नींद के दौरान आपकी श्वास नली हमेशा खुली रहती है, जिससे आप सोते समय आराम से सांस ले सकते हैं। इसके अलावा, जीवन शैली में बदलाव, यानी कि वजन कम करने, शराब या सिगरेट का सेवन छोड़ने से भी OSA ठीक हो सकता है। अधिक गंभीर मामलों में मशीन से उपचार की जरूरत होती है। कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरफ्लो प्रेशर (CPAP) की मदद से इसका बड़ी आसानी से उपचार किया जा सकता है। आमतौर पर OSA के उपचार के लिए इस उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है।

यह मशीन है कारगर
डॉ. केके शर्मा मशीन के बारे में बताते हुए कहते हैं कि CPAP मशीन में एक मास्क होता है, जिसे आप सोते समय आपको अपनी नाक और मुंह पर पहनना पड़ता है – यह बिल्कुल N95 मास्क की तरह ही होता है जिसे आप घर से बाहर जाते समय पहनते हैं। इस मास्क में एक छोटी मशीन से जुड़ी नली होती है, जिसे सोते समय आपके बिस्तर के किनारे रखा जाता है। मशीन नियमित दबाव के साथ आपकी श्वास नली में हवा भेजती है, ताकि आपकी श्वास नली हमेशा खुली रहे। यह OSA के इलाज का सबसे बेहतर तरीका है, इसके इस्तेमाल से मरीज़ चैन की नींद ले सकता हैं और एक बेहतर सुबह की शुरुआत कर सकता हैं साथ ही इसके इस्तेमाल से शरीर में ऑक्सीजन की कमी नहीं होती हैं और आप सुबह स्वस्थ व तरो-ताज़ा महसूस करते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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