
यूनानी चिकित्सा पद्धति में पाचन संबंधी बीमारियों के लिए ईसबगोल की भूसी और बीजों का प्रयोग किया जाता है। आइए जानते हैं इनके बारे में।
यूनानी चिकित्सा पद्धति में पाचन संबंधी बीमारियों के लिए ईसबगोल की भूसी और बीजों का प्रयोग किया जाता है। आइए जानते हैं इनके बारे में।
लाभ : कब्ज, दस्त, जोड़ों के दर्द, मल में रक्त, पाचनतंत्र संबंधी गड़बड़ी, शरीर में पानी की कमी, मोटापा व डायबिटीज में ईसबगोल काफी फायदेमंद होता है।
जोड़ों के दर्द, कब्ज व पाचनतंत्र को दुरुस्त करने के लिए रात के खाने के बाद एक गिलास गर्म दूध के साथ एक चम्मच ईसबगोल की भूसी लेने से लाभ होता है।
दस्त के दौरान रक्तस्राव हो या लंबे समय से कब्ज हो तो आधा कप पानी के साथ इसकी भूसी लें। शरबत-ए-बीनार को 20 मिलिलीटर की मात्रा में एक गिलास पानी में मिला लें और एक चम्मच ईसबगोल के बीज साथ में लें। इससे आंतों में होने वाली रुकावट व संक्रमण दूर होता है।
अक्सीरे-जिगर को 4 चम्मच पानी में मिला लें। इस मिश्रण के साथ एक चम्मच ईसबगोल के बीज लें। इससे लिवर का संक्रमण व जोड़ों का दर्द दूर होता है।
Published on:
08 Feb 2019 05:06 pm
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