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भारतीय महिलाओं की 63 फीसदी से अधिक कैंसर से होने वाली मौतों को रोकना संभव

लैंसेट की रिपोर्ट : पुरुषों के मुकाबले स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही अधिक  

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भारतीय महिलाओं की 63 फीसदी से अधिक कैंसर से होने वाली मौतों को रोकना संभव

भारतीय महिलाओं की 63 फीसदी से अधिक कैंसर से होने वाली मौतों को रोकना संभव

नई दिल्ली. कैंसर जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर बीमारी की पहचान कर 63 फीसदी से अधिक महिलाओं की जान बचाई जा सकती है। हाल ही लैंसेंट की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण हजारों महिलाओं की मौत जाती है। कैंसर से पीडि़त महिलाओं को समय पर उपचार मिलने से 37 फीसदी मौतों को टाला जा सकता है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय महिलाएं के स्वास्थ्य पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता है। इस मामले में वह स्वयं भी लापरवाह होती हैं। इसके हालत और खतरनाक हो जाती है।

50 फीसदी की उपचार तक पहुंच नहीं

लैंसेंट की कमिश्नर डॉ. ईशू कटारिया का कहना है कि 2020 में भारत में कैंसर से पीडि़त 50 फीसदी से ज्यादा महिलाओं की मौत परिवार की ओर से ध्यान नहीं देने और चिकित्सा सुविधाओं तक नहीं पहुंचने से हुईै। रिपोर्ट में मुंबई के नालासोपारा में 36 साल की एक कैंसर पीडि़त महिला रमा का भी जिक्रकिया गया।

सरकारी खर्च कम

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में कैंसर की देखभाल पर किया जाने वाला सरकारी खर्च नेशनल हेल्थ पर के कुल खर्च का 2.53 फीसदी है। कैंसर की जांच के लिए जब किसी दूसरे डॉक्टर के पास रेफर किया जाता है तो पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा इंतजार करना पड़ता है।

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