जानिए हार्ट अटैक के बारे में, रखें सावधानी

रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज से हृदय तक रक्त नहीं पहुंचने से हृदयघात होता है।

हार्ट अटैक का मतलब ये होता है कि जब दिल में खून की आपूर्ति बंद हो जाती है और दिल की मांसपेशियों का खराब होने लगती हैं, तब हार्ट अटैक की समस्या होती है। हार्ट अटैक कभी भी अचानक आ सकता है। रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज से हृदय तक रक्त नहीं पहुंचने से हृदयघात होता है।

साइलेंट अटैक हार्ट अटैक का एक प्रकार है। यानि दिल के दौरे के दौरान आमतौर पर लक्षण आधे घंटे तक रहते हैं। आराम करने या दवा खाने से राहत नहीं मिलती है। मामूली दर्द से गंभीर पीड़ा तक हो सकती है। कई लोगों में हार्ट अटैक के लक्षण नहीं दिखते हैं जिसे साइलेंट मायोकार्डियल इन्फेक्शन यानि एमआई कहते हैं। ये ज्यादातर डायबिटीज के मरीजों में होता है।

कार्डियक अरेस्ट भी एक प्रकार का हार्ट अटैक है ये हार्ट की ऐसी स्थिति है जिसमें हृदय एकदम से काम करना बंद कर देता है। व्यक्ति बेहोश हो जाता है। तत्काल उपचार न मिलने पर कुछ मिनटों में जान भी जा सकती है। इसका कारण हृदय की धमनियां पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है। प्रारंभिक उपचार के लिए व्यक्ति के सीने में कंप्रेशन और मुंह के माध्यम से सांस दी जाती है।

अगर एक दम से सीने में तेज दर्द, सांस फूलने, पसीना आने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं। गोल्डन आवर ट्रीटमेंट से 80% मरीज बच सकते हैं। मरीज के सीने में दर्द की शिकायत हो तो डिस्प्रिन दें, ईसीजी कराएं। कुछ इंजेक्शन से भी आराम मिलता है। महिलाओं और पुरुषों में भी हार्ट अटैक के लक्षण अलग होते है।

विकास गुप्ता
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