18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उत्तकों के क्षतिग्रस्त होने पर हाेता है लिवर सिरोसिस

यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें लिवर के ऊत्तक अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं

less than 1 minute read
Google source verification
liver cirrhosis

उत्तकों के क्षतिग्रस्त होने पर हाेता है लिवर सिरोसिस

यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें लिवर के ऊत्तक अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। आमतौर पर लिवर में खुद के क्षतिग्रस्त ऊत्तकों की मरम्मत करने की क्षमता होती है। लेकिन इस रोग में लिवर के ऊत्तक इतने ज्यादा क्षतिग्रस्त हो जाते हैं कि उनकी मरम्मत होना संभव नहीं हो पाती।

लक्षण
जब तक लिवर को ज्यादा नुकसान न पहुंच जाए तब तक लक्षणों की पहचान करना मुश्किल है। थकान, शरीर पर खुजली, आंखों व त्वचा का पीला होना, पेट में पानी भरना, भूख न लगना, उल्टी, पैरों में सूजन, भ्रम, बोलने में परेशानी व त्वचा पर रक्त नलिकाओं का उभरना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

कारण
हेपेटाइटिस, संक्रमण जैसी समस्याओं से लिवर प्रभावित होता है। जो लिवर सिरोसिस का कारण बनता है। प्रमुख कारणों में शराब पीने की लत, हेपेटाइटिस-बी और सी हैं। लिवर में वसा और कॉपर का जमाव, सिस्टिक फाइब्रोसिस, शरीर में आयरन का स्तर बढ़ना, आनुवांशिकता व कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव अन्य वजहें हैं।

जटिलताएं
सिरोसिस के कारण लिवर से रक्तका सामान्य प्रवाह धीमा हो जाता है जिससे नसों में दबाव बढ़ता है। उच्च रक्तदाब से पैरों व पेट में पानी जमा होने लगता है जिससे सूजन आ जाती है। मरीज की इम्यूनिटी कम होने से लिवर कैंसर व फेल्योर की आशंका रहती है।

उपचार
रोग के कारण और उसकी गंभीरता पर इलाज निर्भर करता है।