18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Heart Blockage: कम उम्र में हार्ट ब्लॉकेज ये हैं कारण, इस तरह करे पहचान

Reasons for heart blockage: कभी बुजुर्गावस्था में होने वाली हार्ट ब्लॉकेज की समस्या अब कम उम्र में भी होने लगी है। दरअसल, खराब खानपान व तनाव का असर हमारे दिल पर भी पड़ता है। दिल की अच्छी सेहत के लिए इसका ध्यान रखना जरूरी है। खराब डाइट और लाइफस्टाइल किसी को भी हार्ट पेशेंट बना सकते हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Jyoti Kumar

Jul 16, 2023

heart_blockage.jpg

Reasons for heart blockage: कभी बुजुर्गावस्था में होने वाली हार्ट ब्लॉकेज की समस्या अब कम उम्र में भी होने लगी है। दरअसल, खराब खानपान व तनाव का असर हमारे दिल पर भी पड़ता है। दिल की अच्छी सेहत के लिए इसका ध्यान रखना जरूरी है। खराब डाइट और लाइफस्टाइल किसी को भी हार्ट पेशेंट बना सकते हैं।

यह भी पढ़ें: अगर आप भी चाय के साथ खातें हैं ये चीज, तो बन जाएंगे डायबिटीज और हाई बीपी के शिकार

संभावित कारण
दिल तक जाने वाली खून की नसों में ब्लॉकेज होने पर हार्ट अटैक होता है। फैट, कोलेस्ट्रॉल व अन्य हानिकारक पदार्थों के प्रभाव से धमनियों में ब्लॉकेज होता है। जब दिल में मौजूद कोरोनरी आर्टरीज की दीवारों में ज्यादा कॉलेस्ट्रोल जमा हो जाता है तो इससे ब्लड फ्लो में दिक्कत होने लगती है जिससे हार्ट ब्लॉकेज होता है।

17-18 की उम्र में हो जाएं सतर्क

फैमिली हिस्ट्री है तो 17-18 वर्ष की उम्र से ही सतर्क रहें। हृदय संबंधी जन्मजात विकृति हो तो जीवनशैली को लेकर सावधानी बरतें। एल्कोहल, धूम्रपान, मोटापा, डायबिटीज, हाइपर कोलेस्ट्रॉल, स्लीप एप्निया और बदलती जीवनशैली में सोशल मीडिया का उपयोग स्ट्रेस बढ़ा रहा है जिससे हार्ट पर असर पड़ता है।

कैसे पहचानें- छाती में जकडऩ, पसीने आना, सांस लेने में दिक्कत, अनियंत्रित धड़कन, चक्कर आना जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

यह भी पढ़ें: Skin Care Tips: बारिश में खिली-खिली रहेगी स्किन, करें ये उपाय, ना करें ये 5 बड़ी गलतियां

बचाव के तरीके
जीवनशैली संयमित रखें।
एल्कोहल व धूम्रपान का सेवन न करें
डायबिटीज नियंत्रित रखें।
स्ट्रेस और डिप्रेशन से बचें।
शुरुआती लक्षणों का अहसास हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
इंस्ट्रक्टर की देखरेख में व्यायाम और मेडिटेशन करें।
एक्सरसाइज के बाद बैलेंस डाइट लें।
ऐसी चीजें न खाएं जो शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं।
फास्ट फूड और जंक फूड से दूर रहें।