
भारतीय प्राद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रूड़की के शोधकर्ताओं ने वायरस-रोधी अणु का पता लगाया है जिसका उपयोग कर बनाई जाने वाली दवा से चिकुनगुनिया के प्रकोप से निजात मिल सकती है। मच्छर जनित इस रोग से पीडि़त मरीजों में तेज बुखार और जोड़ों के दर्द की शिकायत रहती है। अब तक इस रोग की रोकथाम व उपचार के लिए न तो कोई कारगर दवा बाजार में उपलब्ध है और न ही कोई टीका।
Published on:
06 May 2018 09:48 am
