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80% फेफड़ों के कैंसर की वजह स्मोकिंग, छोड़ने के दिन से कम होने लगता रिस्क

फेफड़े, छाती के अंदर दो स्पंजी अंग होते हैं। इनका मुख्य काम सांस लेना है। आंकड़ों के मुताबिक, फेफड़ों का कैंसर दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है। जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें फेफड़ों का कैंसर होने की आशंका ज्यादा रहती है। हालांकि जो लोग धूम्रपान नहीं करते उनमें भी फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा बना रहता है। फेफड़ों का कैंसर क्यों होता है, इसकी शुरुआत और यह कैसे फैलता है।

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जयपुर

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Jyoti Kumar

Sep 23, 2023

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फेफड़े, छाती के अंदर दो स्पंजी अंग होते हैं। इनका मुख्य काम सांस लेना है। आंकड़ों के मुताबिक, फेफड़ों का कैंसर दुनियाभर में कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है। जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें फेफड़ों का कैंसर होने की आशंका ज्यादा रहती है। हालांकि जो लोग धूम्रपान नहीं करते उनमें भी फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा बना रहता है। फेफड़ों का कैंसर क्यों होता है, इसकी शुरुआत और यह कैसे फैलता है।

संभावित लक्षण
फेफड़ों के कैंसर के लक्षण अलग-अलग मरीजों में भिन्न भी हो सकते हैं। लगातार खांसी, खून के साथ खांसी या लाल रंग का बलगम आना, सीने में दर्द- गहरी सांस लेने या खांसी होने पर बढऩा, तेजी से वजन घटना, भूख न लगना, सांस लेने में तकलीफ, आवाज का बैठना आदि। फेफड़ों के करीब 70त्न मामलों में बीमारी फैलने के बाद पता चलता है।

स्क्रीनिंग व जांच
इससे बचाव के लिए जरूरी है कि स्क्रीनिंग करवाते रहें। जिन्हें इनका रिस्क है वे विशेष ध्यान रखें। इसकी जांच के लिए छाती का एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआइ और पैट स्कैन आदि किया जाता है। कई बार बलगम की भी होती है। कैंसर की जांच के लिए बायोप्सी भी करवाते हैं।

इलाज
बीमारी की स्थिति के अनुसार कीमोथैरेपी, इम्युनोथैरेपी, रेडिएशन थैरेपी, सर्जरी और इलाज के बाद पैलिएटिव केयर आदि होती है। बीमारी किस स्टेज में उस आधार पर इलाज का तरीका तय होता है। अगर बीमारी अंतिम स्टेज में पहुंच चुकी है तो पैलिएटिव केयर किया जाता है।

बचाव के तरीके
इसके सबसे अधिक मामले धू्रमपान से होते हैं। जो लोग स्मोकिंग करते हैं तत्काल छोड़ देना चाहिए। छोडऩे के दिन से रिस्क कम होने लगता है।

कैंसर के उन सभी कारणों से दूर रहना है। केमिकल फैक्ट्रियों में काम करते हैं तो सुरक्षा के उपायों का इस्तेमाल करें।
जिन लोगों का बीएमआइ 30 से अधिक होता है उनमें 4-5 फीसदी यह कैंसर होने की आशंका रहती है। डाइट व व्यायाम का ध्यान रखें।

एस्बेस्टस व डीजल भी...
एस्बेस्टस की राख और डीजल से निकलने वाला धुआं से भी इसका खतरा रहता है। इससे बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि मास्क लगाएं। जिनके फैमिली में हिस्ट्री है उन्हें स्क्रीनिंग करवाते रहना चाहिए।


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