
आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियां ऐसी हैं जो समस्याओं से बचाव करती हैं। विशेषज्ञ के बताए अनुसार ही इन्हें लेना फायदेमंद होता है।
उम्र बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है इस दौरान व्यक्ति को कई मानसिक व शारीरिक बदलावों का अहसास होता है। इस उम्र में सबसे पहले रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है जिससे विभिन्न प्रकार के रोगों और संक्रमण की आशंका रहती है। आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियां ऐसी हैं जो समस्याओं से बचाव करती हैं। विशेषज्ञ के बताए अनुसार ही इन्हें लेना फायदेमंद होता है।
शिलाजीत: बढ़ती उम्र के प्रभावों को कम करने के साथ यह शरीर के सभी हार्मोन्स को सुचारू रखता है जिससे त्वचा चमकदार होने के साथ झुर्रियां कम होती हैं। इसके प्रयोग से मांसपेशियों को ताकत मिलती है और शारीरिक व मानसिक तनाव दूर होता है।
अर्जुन छाल: एंटीऑक्सीडेंट्स व औषधीय गुणों से भरपूर अर्जुन की छाल हृदय से जुड़ी समस्याओं के लिए रामबाण है। वृद्धावस्था में धड़कनों के अनियमित होने और सांस की समस्या में इसे लेने की सलाह देते हैं।
पुनर्नवा: किडनी और लिवर जैसे प्रमुख अंगों में से यह विषैले पदार्थों को बाहर निकालकर रोगों से बचाती है। यह हृदय को सेहतमंद रखने में कारगर है। सब्जी या चाय में इसके प्रयोग से दमा की शिकायत दूर होती है और शरीर पर होने वाली सूजन में कमी आती है। इसका 1-4 ग्राम रस किडनी के संक्रमण से बचाता है।
दालचीनी: नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण यह मौसम में बदलाव से होने वाले संक्रमण से बचाती है। अधिक उम्र वालों को सर्दी-जुकाम, जोड़ों में दर्द, पेट की समस्या, अधिक वजन आदि दिक्कतें होती हैं जिसके लिए दालचीनी का प्रयोग फायदेमंद हो सकता है। भोजन में इसे खासतौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
ब्राह्मी : कब्ज को दूर करने और रक्त के शुद्धिकरण में यह कारगर जड़ी-बूटी है। शरीर की ऊर्जा बढ़ाकर नर्व टॉनिक के रूप में काम करती है जिससे दिमाग को मजबूती मिलती है। त्वचा संबंधी रोगों में भी इसे प्रयोग में लेते हैं। ब्राह्मी का रस व पाउडर दोनों फायदेमंद हैं।
Published on:
07 Jul 2019 06:23 pm
बड़ी खबरें
View Allरोग और उपचार
स्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
