24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस संस्थान में नहीं है कैश काउंटर, इस बीमारी का होता है मुफ्त इलाज

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के फॉरेस्ट ब्लाक, जेल रोड में स्थित सिकलसेल संस्थान में सिकलसेल से पीड़त मरीजों का निशुल्क इलाज होता है।

2 min read
Google source verification
Sicle Cell

Sickle Cell

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के फॉरेस्ट ब्लाक, जेल रोड में स्थित सिकलसेल संस्थान में सिकलसेल से पीड़त मरीजों का निशुल्क इलाज होता है। संस्थान का उद्देश्य सिकल सेल रोगियों की पहचान कर मरीज को निशुल्क इलाज के लिए नवीनतम तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधा प्रदान करना है। सिकल सेल संस्थान राज्य का ऐसा अस्पताल है, जहां किसी भी प्रकार का कैश काउंटर नहीं है। संस्थान में सिकल सेल रोगियों की सभी प्रकार की जांच एवं उपचार तथा दवाएं भी निशुल्क प्रदान की जाती हैं।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्री अजय चंद्राकर और कृषि एवं पशुपालन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने एक अक्टूबर को प्रथम सिकल सेल संस्थान परिसर का लोकार्पण किया साथ ही संस्थान परिसर में 30 बिस्तर के नए सिकलसेल अस्पताल भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन भी किया। स्वास्थ मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार क्षेत्रीय स्तर पर स्थानीय बीमारियों का चिन्हांकन कर सिकलसेल रोग के नियंत्रण के लिए सिकलसेल संस्थान की स्थापना की है। सिकलसेल संस्थान के खुल जाने से प्रदेश में जो स्वास्थ्यगत गेप था वह पूरा होगा।

उनका कहना है कि सिकल सेल की प्राथमिक जांच से पता चला है कि प्रदेश की लगभग 10 प्रतिशत आबादी में सिकल सेल के गुण पाए गए हैं। राज्य के कुछ विशेष जातियों में यह बीमारी लगभग 30 प्रतिशत तक देखा गया है। ऐसी स्थिति में सिकलसेल संस्थान इस रोग के प्रति लोगों में जागरूकता लाने और शत-प्रतिशत नियंत्रण के कारगार साबित होगा।

कृषिमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को बीमारियों से निजात दिलाने के ²ढ़ संकल्पित है। प्रदेश में 10 प्रतिशत से अधिक आबादी को इस बीमारी से बचाने और इसके निर्मूलन के लिए राजधानी में सिकलसेल संस्थान सहित सभी 27 जिलों में जांच एवं परामर्श केंद्र की स्थापना इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यहां का सामाजिक परिवेश, प्रथा और परंपरा भिन्न है, उसके बावजूद लोगों को सिकलसेल रोग के प्रति जागरूक कर इस बीमारी को समाप्त किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिक बारिक सिंह ने बताया कि सिकलसेल संस्थान एक स्वशासी संस्था है, जिसकी स्थापना राज्य शासन द्वारा जुलाई 2013 में रायपुर में की गई थी। संस्थान का प्रमुख उद्देश्य लोगों में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता लाना है। सिकल सेल संस्थान राज्य का ऐसा अस्पताल है, जहां किसी भी प्रकार का कैश काउंटर नहीं है। संस्थान में सिकल सेल रोगियों की सभी प्रकार की जांच एवं उपचार नि:शुल्क है तथा दवाएं भी नि:शुल्क प्रदान की जाती हैं।

बड़ी खबरें

View All

रोग और उपचार

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल