
इस समस्या को दूर करने के लिए होम्योपैथी में कारगर दवाएं उपलब्ध हैं।
दांतों में कीड़े लगने की समस्या तब होती है जब जड़ों में लंबे समय तक खाने के अवशेष जमा रहते हैं। ये कीड़े दो दांतों के बीच, मसूड़ों के पास और उनकी जड़ों में लगते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए होम्योपैथी में कारगर दवाएं उपलब्ध हैं।
दांत की जड़ों में कीड़ा लगने पर होम्योपैथी दवा थूजा 30 पोटेंसी में दिन में 3 बार दी जाती है।
दो दांतों के बीच या किनारों में कीड़े लगना, दांत दर्द और गैप का कारण बन सकता है। इसके लिए स्टेफिसेग्रिया दवा 30 पोटेंसी में दिन में 3 बार लेनी होती है।
मसूड़ों के किनारों में कीड़े लगने पर थूजा व सिफीलिनम 30 पोटेंसी में दिन में 3 बार देते हैं।
कुल्ला करना जरूरी -
खाना खाने के बाद दांतों के बीच प्लाक 16 घंटे में बनता है इसलिए 12 घंटे के अंतराल में ब्रश कर लें। कुछ भी खाने के बाद कुल्ला करना न भूलें। यहां बताई गई दवाओं के प्रयोग से 5 मिनट पहले और बाद में कुछ न खाएं।
Published on:
17 Jan 2019 06:12 pm
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