
इस चिकित्सा में मेहंदी को बर्ग-ए-मेहंदी और हिना भी कहते हैं।
यूनानी चिकित्सा पद्धति में मेहंदी को औषधि के रूप में रोगों के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। इस चिकित्सा में मेहंदी को बर्ग-ए-मेहंदी और हिना भी कहते हैं।
फायदे : हिना (मेहंदी) के ताजा व सूखे पत्तों के अलावा इसके फूलों को विभिन्न तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एंटीऑक्टीडेंट, एंटीफंगल, एंटीसेप्टिक और रक्त को साफ करने वाले तत्त्व पाए जाते हैं।
प्रयोग : सिर व बालों में हिना (मेहंदी ) को कंडीशनर की तरह लगाने से बालों को पोषण मिलता है। साथ ही स्कैल्प (सिर की त्वचा) के संक्रमण दूर होते हैं।
इसके फूलों से तैयार गुलकंद-ए-हिना रक्त को साफ करने का काम करता है।
औषधियां भी लाभकारी -
रोगन-ए-गुलाब (गुलाब का तेल) में हिना मिलाकर एग्जिमा, फोड़े-फुंसी व त्वचा के संक्रमण पर 5-10 मिनट के लिए दिन में 3-4 बार लगाने से आराम मिलता है। इससे तैयार औषधियों से रक्त विकार दूर होते हैं। प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
Published on:
26 Apr 2019 10:08 am
