digital tracking
नई दिल्ली। महिलाओं एवं बच्चों के लिए प्रमुख अस्पताल अपोलो क्रेडल ने बुधवार को 'एडवांस्ड टेक्नोलॉजी नियोनेटल इन्टेन्सिव केयर युनिट (ईएनआईसीयू)' को लॉन्च किया। ऐसा संभवत: भारत में पहली बार है कि नवजात की डिजिटल ट्रैकिंग के लिए इस तरह की अनूठी पहल की गई है। ईएनआईसीयू के माध्यम से अपोलो क्रेडल के विशेषज्ञ अस्पताल में या किसी भी स्थान पर बैठकर हर छोटी जानकारी पर नजर रख सकेंगे, जैसे दवाएं, पोषण, शिशु का फीडिंग पैटर्न तथा कैलोरी और ग्रोथ चार्ट आदि। इस एनआईसीयू की मदद से अपोलो क्रेडल के डॉक्टर छोटे नगरों के एनआईसीयू को भी सहयोग प्रदान कर सकेंगे। प्री-टर्म बेबी की रियल टाइम मॉनिटरिंग एवं डिजिटल रिकॉर्ड से नैदानिक परिणामों में सुधार आएगा और भारत में नवजात शिशुओं को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
ईएनआईसीयू के उद्घाटन समारोह के दौरान अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अनुपम सिब्बल ने कहा, "अपोलो क्रेडल का ईएनआईसीयू उन नवजात शिशुओं की देखभाल की क्षमता रखता है जो ज्यादातर अन्य अस्पतालों में मुश्किल होता है। इसकी मदद से डॉक्टर और चिकित्सा अधिकारी एक सेंट्रल लोकेशन से हर बच्चे को मॉनिटर कर सकते हैं। इसमें क्लाउड बेस्ड सिस्टम के द्वारा डॉक्टर के वर्कफ्लो, नर्सिग वर्कफ्लो एवं रेजिडेंट डॉक्टरों के कार्यो का प्रबंधन किया जाता है।"
अपोलो हेल्थ एंड लाइफस्टाइल लिमिटेड के सीईओ डॉ. नीरज गर्ग ने कहा, "ईएनआईसीयू के माध्यम से प्री-टर्म बेबी को उसी गुणवत्ता की देखभाल मिल सकेगी, जो अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में मिलती है। अपोलो क्रेडल ने भारतीय शिशुओं को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इस टेक्नोलॉजी में निवेश किया है।"
अपोलो क्रेडल हॉस्पिटल में नियोनेटोलोजी डिपार्टमेन्ट में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अवनीत कौर ने कहा, "ईएनआईसीयू से हमारी नियोनेटल सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसी भी समय बड़ी आसानी से रिकॉर्ड निकाले जा सकते हैं, क्योंकि हर चीज को डिजिटल फॉर्मेट में रिकॉर्ड किया जाएगा। डिजिटलीकरण से दोहराने की त्रुटि होने की संभावना खत्म हो जाएगी, क्योंकि इसमें कई मैनुअल डेटा एंट्री करने की जरूरत नहीं होती। डॉक्टरों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है, क्योंकि नए सिस्टम के द्वारा विशेषज्ञों को शिशु के बारे में हर जानकारी आसानी से मिलेगी और वे शुरुआती अवस्था में ही इन्फेक्शन के लक्षणों को पहचान कर डॉक्टर को सूचित कर सकेंगे।"
Updated on:
27 Sept 2018 03:13 pm
Published on:
27 Sept 2018 02:21 pm
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