
हृदयाघात यानी हार्ट अटैक के बहुत-से कारण हो सकते हैं। कमर की बढ़ती चर्बी भी इन्हीं में से एक है। हाल ही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में यह कहा गया है कि किसी व्यक्ति की कमर पर बढ़ती चर्बी हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम दस फीसदी तक बढ़ा सकती है। जानिए क्या कहा है इस रिसर्च में-
40 फीसदी तक की आशंका अधिक
रिसर्च के अनुसार, 37 इंच की कमर वाले व्यक्ति की तुलना में 41 इंच की कमर वाले व्यक्ति को हृदय संबंधी समस्याएं होने की आशंका 40 प्रतिशत ज्यादा हो सकती हैं। इसके साथ ही रिसर्च में ज्यादा वजन वाले लोगों की तुलना में ज्यादा कमर वाले लोगों में हृदय की स्थिति विकसित होने की आशंका ज्यादा पाई गई।
शोध में सामने आई यह बात
रिसर्च के मुख्य शोधकर्ता डॉ. अयोडिपुपो ओगुंटाडे के अनुसार, हाइ बॉडी मास इंडेक्स वाले व्यक्ति की तुलना में ज्यादा चर्बीयुक्त कमर वाले व्यक्ति में हार्ट फेलियर की आशंका 3.21 गुना ज्यादा सामने आई। जबकि इसके बाद की श्रेणी के व्यक्ति में इसका जोखिम 2.65 गुना पाया गया।
हृदय की कार्यप्रणाली पर विपरीत असर
कमर पर बढ़ी हुई चर्बी यह संकेत देती है कि संबंधित व्यक्ति की आंत की चर्बी ज्यादा है। यह अतिरिक्त फैट के रूप में पेट के चारों ओर जमा हो जाती है, जिससे रक्तवाहिकाओं में खून की गति बाधित होने लगती है। इससे हृदय की कार्य प्रणाली भी प्रभावित होने लगती है।
नियमित करें हल्की एक्सरसाइज
हर सप्ताह १५० मिनट्स मॉडरेट इंटेंसिटी एक्टिविटीज करें। इनमें साइकिल चलाना, डांसिंग, ब्रिस्क वॉकिंग, हाइकिंग, इनलाइन या रोलर स्केटिंग, स्विमिंग, रनिंग जैसी एक्टिविटीज शामिल करें। इसके अलावा सामान्य दिनचर्या में सीढ़ी चढऩा, लिफ्ट का उपयोग न करना और छोटी दूरियों के लिए बाइक-कार की जगह पैदल चलना आदि।
व्यायाम के तुरंत बाद न लें प्रोटीन डाइट
व्यायाम के तुरंत बाद खुद से प्रोटीन डाइट न बढ़ाएं, कई बार यह गुर्दों के लिए दिक्कत दे सकता है। सलाद, मौसमी फल व सब्जियां, फाइबरयुक्त आहार आदि लें। इनसे अच्छी कैलोरी मिलती हैं, लेकिन ये चर्बी नहीं बढ़ाते हैं। समय-समय पर अपने वेस्ट-हिप रेशो की जांच भी करते रहें और ज्यादा हो तो घटाएं। खाना खाते समय मोबाइल फोन से दूरी रखें, ताकि डाइट नियंत्रित रहे।
Updated on:
03 Sept 2023 06:52 pm
Published on:
03 Sept 2023 06:48 pm
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