
हैंड सैनिटाइजर पर एतराज, विरोध में जारी हुआ फतवा, दिया गया यह तर्क
(दुमका,जामताड़ा): Coronavirus का कहर किसी से छिपा नहीं है। दिन बढ़ने के साथ ही संक्रमितों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इससे बचने के एहतियाती उपायों में मास्क, ग्लब्स, हैंड सैनिटाइजर, साफ-सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग शामिल है। लेकिन इन सभी में से हैंड सैनिटाइजर के खिलाफ अब फतवा जारी हो गया है।
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दरअसल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टर बार—बार हाथ धोने की सलाह देते हैं। क्योंकि हाथों के स्पर्श से वायरस के मुंह, नाक और आंख के जरिए शरीर में जाने का खतरा होता है। घर में रहते समय तो हम साबुन से बार—बार हाथ धो सकते हैं। लेकिन बाहर निकलने पर हम हाथ नहीं धो सकते। ऐसे में हैंड सैनिटाइजर सबसे सही उपाय है। घर में प्रवेश करने से पहले हैंड सैनिटाइजर से हाथ साफ करने उसे वायरस मुक्त किया जा सकता है। इसी तरह निर्जीव वस्तुओं को विसंक्रमित करने के लिए भी इसका उपयोग होता है।
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यह है फतवे की वजह...
लेकिन झारखंड के जामताड़ा में हैंड सैनिटाइजर के खिलाफ फतवा जारी किया गया है। इसके पीछे इसमें मिलने वाला अल्कोहल अहम वजह है। जामताड़ा की पोखरिया जामा मस्जिद के इमाम मोहम्मद सुफियान ने फतवा जारी करते हुए हैंड सैनिटाइजर को मजहब के खिलाफ बताया हैं। उनका कहना है कि हैंड सैनिटाइजर में मिलाए जाने वाले अल्कोहल को हदीस में हर बुराई की जड़ बताया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस्लाम में मदीरा सेवन, उसे बेचने, यहां तक कि दवाई के रूप में भी इस्तेमाल करने पर पाबंदी है। हैंड सैनिटाइजर के खिलाफ फतवा जारी होने के बाद से ही चर्चाओं का बाजार गर्म है।
Published on:
19 Jun 2020 04:36 pm
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