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80 रुपए किलो आम, 10 रुपए में आमरस

-आंखें मूंद बैठा है स्वास्थ्य विभाग -सेहत के साथ खिलवाड़

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80 रुपए किलो आम, 10 रुपए में आमरस


शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में जहां-तहां सस्ता आम रस बिक रहा है। उन रास्तों से अधिकारी रोजाना गुजर रहे हैं, लेकिन कोई वाहन से उतरकर यह पूछने को तैयार नहीं है कि यह आम रस कैसे बनाया जा रहा है? इतना सस्ता कैसे मिल रहा है?

आम महंगे हैं, लेकिन रस सस्ता है। गर्मी के मौसम में लोगों को इसकी आदत डालनेे के लिए मिलावट कर स्वाद व रंग बदला जा रहा है। राजस्थान पत्रिका ने मंगलवार को इसकी पड़ताल की। इसमें सामने आया कि मात्र एक आम, चीनी का दो गिलास घोल, बर्फ के टूकड़े मिलाकर चार गिलास आमरस तैयार किया जाता है। इसमें कलर केमिकल भी मिलाया जा रहा ताकि आमरस कर चटक रंग ग्राहकों को आकर्षित कर सके।


आमरस में चीनी का घोल और बर्फ अधिक मात्रा में मिलाया जा रहा। तेज गर्मी में लगातार सेवन करने से जुकाम हो सकता है तथा पूरे फेफड़ों में कफ जम सकता है। इसके अलावा केमिकल कलर भी नुकसानदेह है। इससे पेट की कई तरह की बीमारियां, डायरिया आदि हो सकते हैं।


-डॉ राजेश शर्मा, सीएमएचओ, डूंगरपुर.


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