4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डूंगरपुर एग्रीकल्चर कॉलेज : गुमानपुरा में जहां जमीन बताई वहां चारदीवारी खड़ी हो गई…

डूंगरपुर कृषि महाविद्यालय जमीन की रिपोर्ट कुलपति को दी

less than 1 minute read
Google source verification
rca_college_campus.jpg

कृषि कॉलेज डूंगरपुर dungarpur agriculture college के जमीन को लेकर महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) की टीम ने अपनी रिपोर्ट विवि के कुलपति डा. अजीत कुमार कर्नाटक को सौंप दी है।

टीम ने रिपोर्ट के बारे में कुछ भी बताने मना कर दिया लेकिन सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में टीम ने सुझाव दिया कि गुमानपुरा वाली जमीन को लेकर पूरी मार्किंग की जाए और उसका नाप लिया जाए ताकि यह साफ हो सके कि जमीन कितनी है और कहा है। पहाड़ी इलाका कितना है और समतल जमीन कितनी है। इसके अलावा यह भी बताया कि जहां पर पहले जमीन बताई गई वहां एकलव्य हॉस्टल के पास तो चारदीवारी बना दी गई है जबकि यह जमीन पहले कॉलेज के लिए बताई गई जमीन का हिस्सा बताया गया था।

इधर, थाणा के पास जो जमीन है वह उपयोगी साबित नहीं हो रही है ऐसे में इस पर भी फिर से विचार किया जा सकता है। कृषि विवि की टीम वापस डूंगरपुर आएगी और वह जिला कलक्टर से मिलकर इस विषय पर विस्तार से अपनी बात रखेगी।

इससे पूर्व एक दिन पहले कृषि कॉलेज डूंगरपुर के जमीन को लेकर मंगलवार को महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) की टीम यहां पहुंची और जमीन को देखा। टीम ने सभी तथ्यों व मापदंडों के आधार पर स्थान का भौतिक सत्यापन किया। टीम ने गुमानपुरा में जिस जमीन को लेकर सहमति की बात की जा रही है उसको भी देखने के लिए पहाडिय़ां की दूरी नापी। पहले जमीन को लेकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के मापदंडों को ध्यान में रखते हुए इस जमीन के सभी पहलुओं, सुविधाओं से लेकर दूरियां को लेकर जानकारी ली तथा मौका देखा। टीम को गुमानपुरा वाली जमीन पहाड़ी इलाका लगने के साथ ही कम जगह होने की बात सामने आई।

Story Loader