25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

डूंगरपुर : न चीरा, न टांका, हड़ताल में सामान्य प्रसव से आया परिवार का नया मेहमान

हड़ताल के 10 दिनों में सिर्फ नौ सिजेरियन डिलीवरी, 138 महिलाओं की कराई नॉर्मल डिलीवरी, शिशु चिकित्सक हड़ताल पर, नॉर्मल डिलीवरी पर जोर
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

डूंगरपुर

•

image

Ashish Bajpai

•

Updated: 26 Dec 2017, 9:35 PM IST

dungarpur news

सिद्धार्थ शाह. डूंगरपुर. गर्भ धारण के साथ ही मां उनके परिजन चाहते है कि उनके घर आने वाला नया मेहमान सुरक्षित एवं बीना चीरा-टांके के आए। पर, ऐनवक्त आते-आते जच्चा और बच्चा की सुरक्षा को लेकर चिकित्सक सिजेरियन डिलेवरी ही करा देते हैं। लेकिन, चिकित्सकों के हड़ताल के दरम्यान एक नया दृश्य सामने आया है। हड़ताल के दौरान सिजेरियन डिलेवरियां नहीं के बराबर हुई है और नॉमर्ल प्रसव अधिक हुए हैं। कारण चाहे जो भी रहे हो। पर, आंकड़ों ने बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया है।

हालात यह है कि चिकित्सकों की हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से अस्वस्थ हो गई हैं। पर, आंकड़ों पर गौर करें तो मातृ-शिशु चिकित्सालय में 138 गर्भवती महिलाओं ने नॉर्मल डिलीवरी के जरिये शिशु को जन्म दिया है। सिर्फ 09 सिजेरियन डिलीवरी कराई गई है। चिकित्सक से लेकर नर्सिग स्टाफ नॉर्मल डिलीवरी को प्राथमिकता में रखे हुए हैं।

यह है हकीकत

प्रदेश मेें 16 दिसंबर से राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ की हड़ताल जारी है। इस अवधि में अस्पताल में 150 डिलीवरी कराई गई। हड़ताल से पहले की स्थिति देखे तो सिजेरियन डिलीवरी की संख्या अधिक रही है। बताया जा रहा है कि यह नौ सिजेरियन डिलीवरी भी गर्भवती महिला के परिजनों की तरफ से अन्य स्थान पर ले जाने में असमर्थता जताने पर की गई। नॉर्मल डिलीवरी अधिक रहने का एक कारण यह है कि अस्पताल के तीनों शिशु चिकित्सक हड़ताल पर चले गए हैं। दावा किया जा रहा है कि यदि बच्चे की जान को नुकसान होने के अंदेशे को देखते हुए नॉर्मल डिलीवरी पर अधिक जोर दिया गया। जारी हड़ताल में ईएमटी ने आपातकालीन डिलीवरी कराने का काम किया है।

जच्चा-बच्चा के लिए नॉर्मल डिलीवरी फायदेमंद

जच्चा-बच्चा के लिए नॉर्मल डिलीवरी अधिक फायदेमंद रहती है। इससे बच्चों की सेहत सिजेरियन की तुलना में अच्छी रहती है। सिजेरियन के जरिये पैदा होने वाले बच्चों को अप्रत्यक्ष रूप से कई तरह की दिक्कत सामने आती हैं। सांस संबंधी बीमारियां से ग्रसित होने की संभावना रहती है।

इन्होंने कहा...

हड़ताल के दौरान नॉर्मल डिलीवरी हो रही हैं। गंंभीर महिलाओं को उदयपुर रैफर किया है। इसलिए सिजेरियन की संख्या कम रही है। नार्मल डिलीवरी अधिक हुई है।
डॉ मोनिका परमार, एसोसिएट प्रोफेसर

बड़ी खबरें

View All

डूंगरपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग