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शाबाश दीपक… तालाब में डूबते तीन बच्चों की बचाई जान

शाबाश दीपक... तालाब में डूबते तीन बच्चों की बचाई जान गैंजी गांव के नीलसौर तालाब का मामला डूंगरपुर. जाको राखे साइयां मार सके ना कोय....कुछ ऐसी ही पंक्तियां जिले के गैंजी गांव में चरितार्थ हुई। यहां एक तालाब में डूबते तीन बच्चों की जान बचाने के लिए एक युवक फरिश्ते की मानिंद पहुंचा। बच्चों को सुरक्षित निकालने के साथ ही चिकित्सालय में उपचार के लिए भी भर्ती कराया। अब बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे है। घटनाक्रम 20 जुलाई का है। जो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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शाबाश दीपक... तालाब में डूबते तीन बच्चों की बचाई जान

शाबाश दीपक... तालाब में डूबते तीन बच्चों की बचाई जान

शाबाश दीपक... तालाब में डूबते तीन बच्चों की बचाई जान

गैंजी गांव के नीलसौर तालाब का मामला

डूंगरपुर. जाको राखे साइयां मार सके ना कोय....कुछ ऐसी ही पंक्तियां जिले के गैंजी गांव में चरितार्थ हुई। यहां एक तालाब में डूबते तीन बच्चों की जान बचाने के लिए एक युवक फरिश्ते की मानिंद पहुंचा। बच्चों को सुरक्षित निकालने के साथ ही चिकित्सालय में उपचार के लिए भी भर्ती कराया। अब बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे है। घटनाक्रम 20 जुलाई का है। जो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

घटना की कहानी युवक की जुबानी

जानकारी के अनुसार मुडेला गैंजी निवासी दीपक कटारा 20 जुलाई को बाइक से गैंजी जा रहा था। रास्ते में गैंजी हनुमान मंदिर के पास उसे तीन दोस्त मिले। दोस्त नागेंद्र, अमृत व कालूराम से बातचीत कर रहा था। इसी बीच उसकी नजर नीलसौर तालाब में नहा रहे तीन बच्चों पर पड़ी।

बच्चों को डूबते देख वो मोटर साइकिल छोड़ तालाब पहुंचा। यहां छलांग लगाकर दो बच्चों को जैसे-तैसे किनारे तक लाया। इसके बाद एक अन्य बालक के भी तालाब में होने पर उसे भी निकालने के लिए दोबारा प्रयास किया। काफी प्रयासों के बाद तीसरे बच्चे को भी निकालने में सफलता मिली। बच्चा बेसुध हो गया था। पेट से पानी निकालने सहित अन्य प्रयास कर उसे चिकित्सालय पहुंचाया। इधर, घटना की भनक पर आसपास से ग्रामीण भी मौके पर एकत्रित हो गए।

बाइक से ले गया अस्पतालबकौल दीपक तीनों बच्चों की उम्र दस वर्ष से कम थी। इनमें से एक की स्थिति ज्यादा बिगड़ी होने पर 108 को मदद के लिए फोन किया गया। जिसके पहुंचने में देरी पर बाइक से ही पास के अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया। बाद में उसे जिला चिकित्सालय रैफर किया। जहां उसकी स्थिति में सुधार होने पर छुट्टी दी गई। इधर, गांव के कन्हैयालाल पंचाल ने घटना की पुष्टि की है।

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