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शिड्यूल में कटौती, लक्ष्य प्राप्त करना बड़ी चुनौती

डूंगरपुर. राजस्थान रोडवेज पथ परिवहन निगम लम्बे समय से घाटे से उभर नहीं पा रही है। घाटे के चलते दो से तीन माह तक कार्मिकों को वेतन नहीं मिल रहा है। पर, निगम रोडवेज के स्थानीय बेड़े में नई बसे देने के बजाय दिनों दिन शिड्यूल घटा रहा है। इसके चलते सालों साल लक्ष्य कम होने के साथ ही पूरे करने में भी पसीने आ रहे हैं। स्थितियां यह है कि चार से पांच वर्ष पूर्व तक डूंगरपुर आगार 110 से अधिक शिड्यूल चला रहा था। पर, अब आधे शिड्यूल भी नहीं रह गए हैं।

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शिड्यूल में कटौती, लक्ष्य प्राप्त करना बड़ी चुनौती

शिड्यूल में कटौती, लक्ष्य प्राप्त करना बड़ी चुनौती

डूंगरपुर रोडवेज के हॉफ रहे चक्के
हरमेश टेलर

डूंगरपुर. राजस्थान रोडवेज पथ परिवहन निगम लम्बे समय से घाटे से उभर नहीं पा रही है। घाटे के चलते दो से तीन माह तक कार्मिकों को वेतन नहीं मिल रहा है। पर, निगम रोडवेज के स्थानीय बेड़े में नई बसे देने के बजाय दिनों दिन शिड्यूल घटा रहा है। इसके चलते सालों साल लक्ष्य कम होने के साथ ही पूरे करने में भी पसीने आ रहे हैं। स्थितियां यह है कि चार से पांच वर्ष पूर्व तक डूंगरपुर आगार 110 से अधिक शिड्यूल चला रहा था। पर, अब आधे शिड्यूल भी नहीं रह गए हैं।
इतनी बसों का हो रहा है फिलहाल संचालन
रोडवेज पथ परिवहन निगम की जिले में 58 बसे हैं। इसमें से 55 बसे संचालित हैं। इन बसों में से पांच बस अनुबंधित हैं। इन बसों से जिले के आधे से ऊपर गांवों में बसों का संचालन नहीं हो पाता है। इससे बसों की आय में निरंतर कमी आ रही है। जयपुर मुख्यालय से डूंगरपुर में ६९ बसों के शिड्यूल आवंटित किए हैं। पर, बसों के अभाव में केवल डूंगरपुर में ५५ शिड्यूल ही चल रहे हैं।
अधिक छूट बढ़ाएगी और घाटा
रोडवेज बसे पहले से घाटे में जा रही है और प्रदेश सरकार रोडवेज की बसों में यात्रा करने पर छूट पर छूट दे रही है। पहले रोडवेज में सफर करने पर महिला यात्रियों के किराए में 30 प्रतिशत रियायत मिल रही थी। पर, अब प्रदेश सरकार ने बजट में किराए में ५० प्रतिशत छूट दे दी है। वहीं, प्रतियोगिता परीक्षा सहित रक्षाबंधन पर्व पर भी छूट दी जा रही है।
कोरोना काल में आधे से भी कम हुए लक्ष्य
कोराना काल 2020 में रोडवेज को दिए गए लक्ष्य में से वह आधा भी लक्ष्य पुरा नहीं कर पाई। कोरोना काल में प्रदेश से डूंगरपुर को 3448 लाख रुपए का लक्ष्य मिला था। पर, कोरोना काल में केवल 1357.36 लाख का लक्ष्य प्राप्त हुआ।
यह भी है समस्या : स्टॉफ का भी टोटा
डूंगरपुर रोडवेज में बसों के साथ-साथ स्टॉफ का भी टोटा है। रोडवेज में अभी 89 चालक व 79 परिचालक नियुक्त हैं। पर, रोडवेज को 106चालक व 116 परिचालकों की आवश्यकता है। इन खाली पदों को लम्बे समय से भरे नहीं जाने से चालक व परिचालक को डबल ड्यूटी करनी पड़ रही है। वहीं, अभी जिले में 353 ग्राम पंचायतों में 229 ग्राम पंचायतों में रोडवेज की बसे संचालित नहीं हो रही हैं। खासकर परीक्षाओं में अतिरिक्त बस संचालन में दिक्कत अधिक आती है।
शिड्यूल घटे, तो कम हुए लक्ष्य
वर्ष लक्ष्य अर्जित
2017-18 --------4688.35 --------3518.49
2018-19............ 4227.5 ..............3274
2019-20 ............3769.8............. 3213.5
2020-21 ............3448 .................1357.36
2021-22 .............2606.9.............. 2420.42
2022-23..............2644.4............... 2619.9
(आंकड़े फरवरी माह तक)
इनका कहना
प्रदेश मुख्यालय से मिले लक्ष्य को प्राप्त करना हमारी पहली प्राथमिकता है और हम दो सालों से लक्ष्य के काफी करीब पहुंच गए हैं। पर, रोडवेज डूंगरपुर को बसों व स्टॉफ की सुविधा मिले, तो हम लक्ष्य से भी आगे निकल सकते हैं। भंवरलाल जाट, प्रबंधक राजस्थान परिवहन निगम डूंगरपुर


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