डूंगरपुर
शहरी स्वच्छता में प्रदेश में सिरमौर एवं निकाय की आय बढ़ाने में फिसड्डी डूंगरपुर नगरपरिषद के कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे हो गए हैं। गुरुवार को इस उपलक्ष्य में आयोजित पत्रकार वार्ता में सभापति अमृत कलासुआ ने इशारों ही इशारों में विकास में अवरोध पैदा करने किए जा रहे षड़यंत्र पर अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि पिछला एक वर्ष बोर्ड के लिए कठिन समय रहा। इसके पीछे आंतरिक व बाहरी कारण रहे। हम षडयंत्र के शिकार बने। परिषद की आय के प्रमुख आय के स्त्रोत भूमि नीलामी पर रोक लगाने का प्रयास किया। सरकार ने शिविर के माध्यम से मिलने वाली आय को सीमित कर दिया, भूमि नीलामी अटकी एवं आचार संहिता जैसे हालातों में आशातीत सफलता नहीं मिली। सभापति ने राहत इंदौरी के शेर का हवाला देते हुए कहा कि न मैं गिरा और ना मेरी उम्मीदों के मीनार गिरे… पर कुछ लोग मुझे गिराने मेंकई बार गिरे। सभापति ने कहा कि विषम हालातों में भी परिषद चरेवैती, चरेवैती की तरह काम की दिशा में आगे बढ़ता रहा।
चार बड़े प्रोजेक्ट से मिलेगी गति
सभापति ने बताया कि शहर में चार बड़े प्रोजेक्ट चल रहे है। जिसमें सीवरजे ट्रीटमेंट प्लांट, गैस प्लांट, नल से जल योजना आदि शामिल है। आगामी समय में शिल्प ग्राम की महत्वपूर्ण परियोजना को गति मिलेगा। अब उसका सर्वे होगा। जमीन मेडिकल कॉलेज के पास चालीस बीघा चिह्नित कर दी हैं। पर्यटन को इससे बढ़ावा मिलेगा। बिलड़ी का प्लांट भी तैयार हैं। पर्यटन की दृष्टि से विकास को लेकर परिषद संकल्पबद्ध है। पातापुर में पहाड़ी के पास चारागाह जमीन परिषद के नाम से आवंटित की हैं। यहां कॉलोनी डवलप कर निम्न वर्ग के लोगों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत 360 मकानों का कार्य युद्ध स्तर पर हैं।
निर्माण स्वीकृति मामले में होगी कार्रवाई
सभापति ने शुक्रवार से शहर के चौराहे से शुरू हो रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान की जानकारी दी। साथ ही परिषद में निर्माण स्वीकृतियों की फाइलें अटकाने व वसूली जैसी शिकायतों पर कहा कि ऐसे मामले में प्रमाण सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी एवं लंबित प्रकरणों का निस्तारण भी जल्द कर दिया जाएगा। आगे किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। इस अवसर पर रामबोला मठ के पीठाधीश्वर महंत शिवशंकरदास महाराज, पूर्व मंत्री सुशील कटारा, उप सभापति सुदर्शन जैन आदि मौजूद रहे।