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पेंशनर समाज ने आंगनबाड़ी बच्चों के लिए जुटाया संग्रह

- राजस्थान पत्रिका एवं जिला प्रशासन की मुहिम
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डूंगरपुर

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sidharth shah

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Updated: 29 Jul 2018, 7:11 PM IST

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पेंशनर समाज ने आंगनबाड़ी बच्चों के लिए जुटाया संग्रह

- आंगनवाड़ी केन्द्र के बच्चों के दूध के लिए आए आगे

डूंगरपुर. राजस्थान पत्रिका एवं जिला प्रशासन की ओर से स्कूलों की ही तर्ज पर आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चों को भी दूध दिए जाने के महत्वपूर्ण सेवा प्रकल्प में एक के बाद एक संगठन सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं। सामाजिक सरोकारों में अग्रणी भूमिका अदा करने वाले राजस्थान पेंशनर समाज ने आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चों को हर दूसरे दिन दूध उपलब्ध कराने के लिए अपनी उपशाखाओं के सहयोग से 31 हजार रुपए का सहयोग जुटाया है। संग्रहित राशि का चैक एक अगस्त को जिला कलक्टर राजेन्द्रकुमार भट्ट को जिला कलक्टर सहायता कोष के लिए सौंपा जाएगा।

जिला कार्यकारिणी की बैठक कोषाधिकारी सुरेशचन्द्र जैन, जिलाध्यक्ष भुवनेश्वर चौबीसा, संरक्षक नानूराम माली, प्रहलादसिंह, किशोरसिंह, जवाहर जैन के आतिथ्य में हुई। जिलाध्यक्ष चौबीसा ने प्रदेश सरकार की ओर से छह जून, 25 जून एवं 18 जुलाई के पे-मेट्रिक्स स्थिरीकरण के आदेशों की जानकारी देते हुए कहा कि समस्त पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशन आवेदन के साथ मूल पीपीओ की प्रति संलग्न कर उपशाखाओं को प्रस्तुत करें। उपशाखा अध्यक्षो को इंकम टेक्स रिटर्न एवं पेन कार्ड निर्माण के लिए टीडीएस वापस प्राप्त करने के लिए आग्रह किया। जिला सचिव कन्हैयालाल जैन ने अमृतपान स्मारिका के निर्माण में सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कोषाधिकारी जैन ने आश्वस्त किया कि सॉफ्टवेयर प्राप्त होते ही पेंशनरों को त्वरित लाभ दिया जाएगा। इस दौरान उपशाखा अध्यक्षों ने क्षेत्र से प्राप्त समस्याओं एवं इनके निस्तारण की जानकारी बताई। इस दौरान उपशाखा अध्यक्ष विश्वनाथ पण्ड्या, लक्ष्मणसिंह चूण्डावत, दिनेशचन्द्र पण्ड्या, यादवचन्द्र पण्ड्या, देवशंकर पाण्डे, नानूराम परमार, हरिप्रसाद रोत, अम्बालाल जोशी, लक्ष्मीशंकर पाटीदार, दिनेशचन्द्र श्रीमाली, शार्दुल चौबीसा, चन्द्रकांत वसीटा, मुकुटधर चौबीसा, मणिलाल जोशी एवं यशवंत जैन ने भी विचार व्यक्त किए। जीवनलाल कोठारी ने मार्च 18 से जून 18 का आय-व्यय का लेखा प्रस्तुत करते हुए दिसम्बर 18 तक आय-व्यय एवं सदस्यता शुल्क जमा कराने के लिए आग्रह किया।संचालन दिनेशचन्द्र श्रीमाल ने किया।