
शिक्षा मंदिर के लिए हुआ आह्वान : भामाशाह ने कर दिया बेशकीमती भूमि का दान
डूंगरपुर. दक्षिणी राजस्थान का डूंगरपुर जिला। गुलामी की बेडिय़ों के बीच भी यहां शिक्षा की ज्योत जगमगा रही थी। शिक्षा के लिए वीरबाला कालीबाई अपने प्राणों की आहुति समर्पित करने में भी तनीक नहीं घबराई। वागड़ का यह डूंगरपुर जिला शिक्षा के लिए हमेशा से ही अग्रणी रहा है। फिर बात जब शिक्षा के लिए दान की हो, तो यह जिला पीछे कैसे रह सकता है। गांव के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और क्षेत्र का नाम रोशन करें इस ध्येय से शिक्षा के लिए जिले में एक और महत्ती आहुति समर्पित हुई है। शिक्षा के मंदिर से आह्वान हुआ, तो छोटी-मोटी नहीं करीब डेढ़ बीघा से अधिक की भूमि विद्यालय को दान में प्राप्त हुई है। हम बात कर रहे है जिले के दोवड़ा ब्लॉक अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मनपुर की। यहां कक्षा-कक्षों की समस्या पर कार्यवाहक संस्थाप्रधान विरल रावल ने शिक्षा महकमे में पत्रावलियां चलाई। पर, जमीन के टोटे के चलते यह फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही थी। विद्यालय के पास पर्याप्त भूमि ही नहीं थी। इस पर गांव के सरपंच राजेश कटारा से बात की। सरपंच ने विद्यालय की परिधि में आने वाली करीब डेढ़ बीघा से अधिक भूमि को वास्तविक भू-स्वामी से क्रय कर विद्यालय को दान कर दी। विद्यालय की प्रधानाचार्य रावल की पहल, सरपंच कटारा के सहयोग और वास्तविक भू-स्वामी के सकारात्मक सहयोग से विद्यालय को मजबूत संबल मिला है। विद्यालय को जमीन आवंटन के साथ ही आस जगी है कि शिक्षा महकमा जल्द से जल्द कक्षा-कक्ष स्वीकृत गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों की तालीम की डगर सुगम करेगा।
जज्बे और जुनून से मिली जीत
दोवड़ा ब्लॉक का राउमावि मनपुर जुलाई 2022 में क्रमोन्नत हुआ। चार कक्षा-कक्षों में एक से 12वीं तक की कक्षाएं और 200 से अधिक का नामांकन बड़ी चुनौती के साथ 29 अगस्त 2022 को कार्यवाहक संस्थाप्रधान के रुप में विरल रावल ने जिम्मा संभाला। विद्यालय में संस्थाप्रधान सहित आठ का ही स्टॉफ। स्टॉफ की समस्या के साथ ही यहां की मुख्य समस्या उभर कर सामने यह आई कि यहां कक्षा-कक्षों के लिए जमीन का टोटा था। गांववासियों की बैठक कर विद्यालय परिवार ने शिक्षा के लिए भूमि का दान का आह्वान किया। यह बात गांव के सरपंच राजेश कटारा तक भी पहुंची। उन्होंने तुरंत ही विद्यालय से सटी करीब डेढ़ बीघा जमीन खरीद कर विद्यालय के नाम रजिस्ट्री करवा दी। इसके साथ ही विद्यालय के निकट ही करीब आधा बीघा पड़त भूमि पड़ी थी। यह भी संस्थाप्रधान के प्रयासों से विद्यालय को मिलने जा रही है।
अब विद्यालय के खाते में तीन बीघा जमीन
करीब आठ वर्ष से जमीन की जद्दोजहद में समय-समय पर आए संस्थाप्रधानों ने काफी प्रयास किए। पर, वह प्रयास सफल नहीं हो पाए। पर, गत पांच माह में ही किए गए समन्वित प्रयासों ने विद्यालय के खाते में अब तीन बीघा जमीन झौली में ला दी है। अब क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षा महकमे के अधिकारियों को चाहिए कि वे विद्यालय के हुए प्रयासों के बाद स्वयं आगे आकर अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के लिए बजट स्वीकृत कर भामाशाहों के सहयोग पर मुहर लगाए।
सार्थक प्रयासों से सफलता
. मैंने जब यहां चार्ज संभाला, तो एक से बढ़कर एक चुनौतियां सामने थी। पर, सभी चुनौतियों के लिए गांववासियों, स्टॉफ एवं शिक्षाधिकारियों के साथ मिलकर सार्थक सकारात्मक प्रयास करने शुरू कर दिए। पांच माह में ही विद्यालय को खेल मैदान एवं कक्षा-कक्षों के लिए जमीन की उपलब्ध हो गई है। जल्द ही कक्षा-कक्ष स्वीकृत होने की भी उम्मीद है। - विरल रावल, कार्यवाहक प्रधानाचार्य, राउमावि मनपुर
हरसंभव मदद को तैयार
. शिक्षा आज की महत्ती जरूरत है। शिक्षा के लिए पूरा गांव एकजुट है। विद्यालय परिवार प्रयास कर रहा है, तो हम भी साथ में जुड़ गए। आने वाले समय में और भी जरूरत हुई, तो हम पीछे नहीं रहेंगे। - राजेश कटारा, सरपंच, मनपुर
Published on:
02 Mar 2023 10:11 am
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