डूंगरपुर. भ्रष्टाचार निरोधक दल उदयपुर ने मोटर साइकिल चोरी के एक मामले को रफा दफा करने की एवज में कोतवाली थाने के हैडकांस्टेबल व पीडि़त के बीच मध्यस्थ बने एक चाय थड़ी संचालक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कार्रवाई की जद में थड़ी संचालक का भाई भी आया है, जिसे टीम ने गिरफ्तार किया है। एसीबी ने मध्यस्थ थड़ी संचालक के साथ ही हैडकांस्टेबल जयसिंह के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि आरोपी हैडकांस्टेबल किसी मामले की जांच में नेपाल गया हुआ हैं। उसकी वापसी पर अग्रिम पूछताछ की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह राठौड़ ने बताया कि नौ सितम्बर को गामड़ी अहाड़ा नया तालाब फला निवासी बाबूलाल पुत्र हलिया ने एसीबी उदयपुर में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि उसके बेटे व अन्य तीन जनों के खिलाफ कोतवाली थाने मे मोटर साइकिल चोरी का मामला चल रहा था। जांच अधिकारी जय सिंह राठौड़ ने मामले को रफा दफा करने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की व तत्काल उनसे 40 हजार रुपए ले लिए। साथ ही इस प्रकरण में जांच अधिकारी की ओर से सभी आरोपियों से 20 -20 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। इस पर प्रार्थी ने नया बस स्टैण्ड के बाहर चाय की थड़ी पर (हैडकांस्टेबल के कहे अनुसार) थड़ी संचालक राहुल को पांच हजार रुपए दिए। इस पर प्रार्थी ने एसीबी उदयपुर ऑफिस में शिकायत की। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया। सही पाए जाने पर एसीबी टीम ने बुधवार को ट्रेप करने की कार्रवाई की। प्रार्थी हैडकांस्टेबल के कहे अनुसार 15 हजार रुपए लेकर चाय की थड़ी पर पहुंचा, लेकिन, वहां पर राहुल नही होने पर उसने हैडकांस्टेबल को फोन किया। जिस पर हैडकांस्टेबल ने उक्त राशि उसके भाई राजू को दे देने को कहा। जैसे ही राशि राजू के हाथों में दी तो इशारा पाकर एसीबी की टीम पहुंची एवं राजू को ट्रेप किया। इसके साथ ही उसके भाई राहुल को भी गिरफ्तार कर कोतवाली थाने लेकर पहुंचे। एसीबी ने मध्यस्थ थड़ी संचालक के साथ ही हैडकांस्टेबल जयसिंह के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई टीम में पुलिस निरीक्षक सोनू शेखावत, टीकाराम, सुरेश जाट, मांगीलाल, पकंज, वीर विक्रम सिंह, कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मण सिंह शामिल रहे।