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VIDEO: जिम्मेदार समय पर नहीं देते ध्यान, अब आमजन परेशान

लसाड़ा माही पुल का मामला पीडब्ल्यूडी का तर्क, पुल को हमने नहीं घोषित किया अनफिटलंबे समय से मरम्मत की दरकार

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डूंगरपुर साबला

वागड़ में मूसलाधार बरसात एवं माही के गेट खोलने के बाद डूंगरपुर-बांसवाड़ा की सीमा पर 70 के दशक में बने लसाड़ा माही पुल की दशा बिगड़ गई हैं। पुल का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होने एवं उपर पानी की चादर चलने के बाद बड़े व भारी वाहनों की आवाजाही पांच दिन से रोकी हुई है। हालांकि सार्वजनिक निर्माण विभाग का तर्क है कि पुल को न तो अनफिट घोषित किया है और न ही उनकी ओर से वाहनों की आवाजाही रोकने का कोई फरमान जारी किया है, ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वाहनों की आवाजाही किसके आदेश पर रोकी है एवं खस्ताहाल पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू करने पर हादसा होता है तो इसका जिम्मेदार कौन है। उल्लेखनीय है कि 51 वर्ष पुराना पुल बरसात के मौसम में माही डेम के गेट खोलने पर जल मग्न हो जाता है। पुल की मरम्मत की लंबे समय से दरकार है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह बात दीगर है कि विभाग ने इस बार डामरीकरण करवाकर वाहनों की आवाजाही को हरी झंडी दे दी है, लेकिन सुरक्षा को लेकर अब भी संशय बरकरार है।

ऐसे खड़ी हो रही परेशानी

पुल पर बड़े एवं भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर रखी है। दुपहिया व छोटे वाहन ही गुजर रहे है। जिससे अन्य राज्यों से बांसवाड़ा की सीमा में प्रवेश करने वाले वाहन पुल के एक छोर पर ही खड़े होने से वाहनचालक परेशान है। चालकों का कहना है कि वाहन की आवाजाही रोकने से माल खराब होने के साथ अन्य परेशानियां भी खड़ी हो रही है। इसी प्रकार से इस मार्ग पर रोडवेज बसों की आवाजाही नहीं होने से लोगों को बांसवाड़ा,रतलाम व उदयपुर जाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यात्रियों को बांसवाड़ा , उदयपुर जाने के लिए आसपुर तक का सफर करना पड़ रहा है। इधर, बांसवाड़ा से उदयपुर जाने वाली बसें भी वाया सागवाड़ा होकर गुजर रही है। ट्रक चालकों में फतेह सिंह ,नारायण सिंह, तारकचंद वैष्णव, श्यामदास सहित अन्य ने बताया कि पिछले चार दिनों से ट्रक को लेकर खड़े हैं। पुल से पानी उतरने के बाद लोकनिर्माण विभाग ने डामरीकरण कराने के बाद आवाजाही को लेकर अनुमति दे दी है,पर पुलिस प्रशासन रोके हुए हैं।
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जिम्मेदार का यह कहना
पुल का पानी के बहाव के चलते डामर उखड़ गया है। इसे बाद में ठीक करा दिया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने बड़े वाहनों की आवाजाही को बंद कर रखा है।

रमेश चंद्र पाटीदार सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग
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अनफिट नहीं किया घोषित

विभाग की ओर से लसाड़ा पुल पर आवाजाही किसी प्रकार से बंद नहीं की गई है। न ही हमने पुल को अनफिट घोषित किया है।
आरसी मीणा, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी

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फैक्ट फाइल

– डूंगरपुर – बांसवाड़ा सीमा पर बना लसाडा माही पुल
– लसाडा पुल का निर्माण 1972 में किया था।

– उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी ने किया था।
– पुल 50 पिल्लर पर टिका है। जो 400 मीटर लम्बे, 40 फीट ऊंचे

– 26 फीट चौडे पुल को 51 वर्ष पूरे हो गए।

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