
Rajasthan Assembly Election 2023 : भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव के दौरान जब्त की गई नकदी और अन्य वस्तुओं के रिलीज करने के संबंध में एसओपी जारी कर दी है। इसके तहत बिना किसी एफआईआर या शिकायत के नकदी और कीमती सामान कोषागार और मालखाना में रखने के मामले सामने आने पर आयोग ने जनता की शिकायतों के निवारण के लिए जिला शिकायत समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी लक्ष्मी नारायण मंत्री ने बताया कि जिला शिकायत समिति पुलिस या एसएसटी या एफएफ की ओर से की गई जब्ती के प्रत्येक मामले की स्वत: जांच करेगी। यदि किसी मामले में जब्ती को लेकर कोई एफआईआर या शिकायत दर्ज नहीं की गई है या जब्त की गई नकदी या अन्य वस्तु किसी उम्मीदवार या राजनीतिक दल या किसी चुनाव अभियान आदि से नहीं जुड़ी है, तो एसओपी के अनुसार ऐसी नकदी रिलीज करने के बारे में तत्काल कदम उठाएगी। यदि रिलीज की गई राशि 10 लाख से अधिक है, तो रिलीज करने से पहले आयकर विभाग के नोडल अधिकारी को सूचित किया जाएगा।
24 घंटे में एक बार बैठक जरूरी
समिति में जिले के तीन अधिकारी शामिल होंगे। जिसमें सीईओ, जिला परिषद, सीडीओडी, डीआरडीए, जिला चुनाव कार्यालय में व्यय अनुवीक्षण के नोडल अधिकारी (संयोजक), जिला कोषाधिकारी रहेंगे। यह समिति 24 घंटे में एक बार पूर्व निर्धारित स्थान और समय पर बैठक करेगी। नकदी जारी करने से संबंधित सभी जानकारी व्यय अनुवीक्षण के नोडल अधिकारी एक रजिस्टर में क्रमवार तिथिवार रखेंगे। जिसमें पकड़ी गई या जब्त की गई नकदी की राशि और संबंधित व्यक्तियों को जारी करने की तारीख के बारे में विवरण दर्ज होगा। जब तक कि कोई एफआईआर या शिकायत दर्ज न की गई हो, किसी भी स्थिति में जब्त की गई नकदी या मूल्यवान वस्तुओं से संबंधित मामले को मतदान की तारीख के बाद सात दिनों से अधिक समय तक मालखाना या कोषागार में लंबित नहीं रखा जाएगा। ऐसे सभी मामलों को जिला शिकायत समिति के समक्ष लाने और समिति के आदेशानुसार नकदी या मूल्यवान वस्तुएं रिलीज करवाने की जिम्मेदारी रिटर्निंग अधिकारी की होगी।
Published on:
26 Oct 2023 11:34 am
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