
अजमेर से निकले तबादले आदेश ने निगम को भौंचक कर दिया।
[typography_font:14pt;" >निगम के सहायक अभियंता शहर मुरलीधर मालव ने एफआरटी (फॉल्ट रेक्टीफिकेशन सिस्टम) कार्य में लापरवाही पर निगम के साथ गुडगांव की संधा एंड कंपनी को पत्र लिखा। पत्र से सामने आया है कि एफआरटी के कार्मिकों में अनुभव नहीं होने से उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण नहीं हो रहा है। बिजली गुल रहने से कानून व्यवस्था बिगडऩे की स्थिति हो गई थी। इस पर संस्था से संपर्क करने का प्रयास किया गया।
बताया जा रहा है शिकायत निवारण की प्रक्रिया में बरती लापरवाही को संस्था ने गंभीरता से नहीं लिया। इस पर पत्र लिख कर टीम को रवाना कर दिया। संस्था को जो कार्य करने थे, उन शर्तो का भी पालन नहीं किया।
गुरुवार को आरएनटी कॉलोनी में दोपहर दो बजे से ८.३० बजे तक, हाउसिंग बोर्ड सेक्टर मेें छह घंटे, कुंदन कॉलोनी में नौ घंटे, राजपुर क्षेत्र में छह घंटे, कुशालमगरी में छह घंटे, कुशालमगरी में शुक्रवार को सात घंटे बिजली गुल रही। इससे व्यवस्था बिगड़ गई।
काम तीन लाख में, खुद बढ़ा दिया खर्चं
[typography_font:14pt;" >पहले शिकायत निवारण का कार्य हर माह डेढ़ लाख रुपए में होता है। अनुबंध के तहत सरकार हर माह तीन लाख रुपए दे रही है। इसके बाद भी पहले से ज्यादा स्थितियां बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि अनुभवहीन कार्मिकों के कारण स्थितियां नियंत्रण से बाहर हो गई। लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
-मुरलीधर मालव, सहायक अभियंता
-एनएल सालवी, अधीक्षण अभियंता, एवीवीएनएल
Published on:
13 Apr 2018 11:44 pm
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