
फोटो पत्रिका नेटवर्क
डूंगरपुर/धंबोला। करीब दो दशक से पुलिस को चकमा दे रहा 25 हजार रुपए का इनामी और जिले के टॉप-10 अपराधियों में शामिल हंसराज सिंह आखिरकार पुलिस के जाल में फंस गया।
पहचान बदलकर गोविन्द प्रसाद गुप्ता के नाम से सूरत में रह रहे इस फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने ऐसा जाल बिछाया कि आरोपी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने चाय, फेरीवाले और एटीएम गार्ड का वेश धारण कर इलाके में कई दिनों तक गुप्त निगरानी की और आखिरकार दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी हंसराज सिंह थाना धम्बोला के दो गंभीर मामलों में वर्ष 2006 से फरार चल रहा था। पहला मामला 8 फरवरी 2006 का है। जब पीठ निवासी अनंत बिहारी कोठारी पर हंसराज ने पुरानी रंजिश के चलते पिस्तौल से तीन फायर किए थे।
गोलियां लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दूसरे मामले में आरोपी ने 19 फरवरी 2006 को एक चिकित्सक को फोन कर 50 हजार रुपए की फिरौती मांगी थी और रकम नहीं देने पर गोली मारने की धमकी दी थी।
इन दोनों मामलों में पुलिस ने अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया था, जबकि हंसराज को फरार घोषित कर दिया गया था। करीब 20 साल तक आरोपी लगातार पहचान बदलकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था। सूरत में वह गोविन्द प्रसाद श्यामलाल गुप्ता के नाम से रहकर सामान्य जीवन जी रहा था ताकि पुलिस से बच सके।
Published on:
11 Mar 2026 06:42 pm
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