शांता सिर्फ खुद की प्रगति तक सीमित नहीं हैं। वे हर साल 20 से अधिक महिला किसानों को आधुनिक खेती, सावधानी और मार्केटिंग (विपणन) का प्रशिक्षण देती हैं। वे न केवल तकनीक सिखाती हैं, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर आर्थिक मदद भी करती हैं। उनके मार्गदर्शन में आज कई परिवार ब्रोकली और स्वीट कॉर्न उगाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुधार रहे हैं।