गोविंद गुरु के वंशज खेती, मजदूरी से भरण-पोषण कर रहे…
बांसवाड़ा के मानगढ में नरसंहार के समय आंदोलन के नायक रहे गोविंद गुरू के वंशज करणगिरी का परिवार आज भी मिट्टी के कवेलूपोश मकान में रहता है। काेरोनाकाल में नरेगा में किए काम की करीब 30 हजार रुपए मजदूरी के लिए परिवार करीब तीन साल से भटक रहा है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी है। आर्थिक संबल नहीं मिलने से गोविंद गुरु के वंशज खेती, मजदूरी से भरण-पोषण कर रहे हैं। इनसे ही सुनिए इनका दर्द......
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