
लोगों के मोबाइल गुम होने के बाद पुलिस में दो साल पहले रिपोर्ट दी लेकिन कुछ नहीं हुआ तो मोबाइल को भूल ही गए और यहीं सोचा कि अब मिलना मुश्किल ही है लेकिन एकाएक फोन आता है कि आपका मोबाइल मिल गया है और एसपी ऑफिस आकर शुक्रवार को प्राप्त कर ले तो विश्वास ही नहीं हुआ। असल में पुलिस ने दो साल पुराने मामलों में अभियान चलाकर कार्रवाई कर 40 मोबाइल जब्त किए और शुक्रवार को मोबाइल मालिकों को सौंपे। डूंगरपुर पुलिस ने साइबर टीम की मदद से जिले में गुम हुए मोबाइल को अलग-अलग राज्यों में अपनी तकनीकी से ऑपरेशन कर बरामद किए।
पुलिस ने जिले भर में मोबाइल गुम होने के दर्ज मामलों को लेकर जांच शुरू करते हुए अपनी तकनीक से मोबाइल तक पहुंच बनाई और मोबाइल जब्त की कार्रवाई की। शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवारिया ने 40 बरामद किए मोबाइल संबंधित मोबाइल के मूल मालिकों को सौंपे। पत्रकारों से बातचीत में एसपी ने बताया कि जो 40 मोबाइल लोगों को सौंपे गए उनकी कीमत करीब 6 लाख रुपए है। उन्होंने बताया कि जिला सर्कल के सभी पुलिस थानो में मोबाईल गुमशुदगी के संबंध में 150 से ज्यादा रिपोर्ट थी।
बचे मोबाइल को खोजने में भी जुटी पुलिस
डूंगरपुर पुलिस ने साइबर सेल के जरिए इस अभियान पर काम शुरू किया था। इसके तहत गुमे मोबाइल तक पुलिस अपनी तकनीक व अन्य मदद से जो उन मोबाइल का उपयोग कर रहा था उस तक पहुंची। पुलिस ने इन मोबाइल में जो नंबर उपयोग में आ रहा था उसको जुटाकर कॉल किया तो कई तो फोन उठाते ही नहीं तो कुछ उठाकर काट देते थे। कुछ की घंटी राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश से लेकर गुजरात तक बज रही थी। साइबर टीम ने अपनी तकनीक का उपयोग करते हुए 40 मोबाइल तो पुलिस ने जब्त कर ही लिए। पुलिस ने बताया कि करीब दो साल से ज्यादा समय से गुम हुए मोबाइल में से पहले चरण में जब्त किए 40 मोबाइल संबंधित लोगों को सौंपे, अब 110 मोबाइल गुमशुदी के मामले में भी पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने बताया कि मोबाइल जब्त होने के साथ ही लोगों को सूचित कर उनको सौंप दिए जाएंगे।
ये थे टीम में
इस दौरान एसपी के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश सामरिया भी मौजूद थे। पुलिस की टीम में साइबर सेल से हेमेन्द्र सिंह, अभिषेक मीणा, राहुल त्रिवेदी तथा गोपनीय शाखा से अंकित त्रिवेदी शामिल थे।
Published on:
11 Mar 2023 07:12 pm

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