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Rajasthan: आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का भील समाज ने किया समर्थन, ST आरक्षण के वर्गीकरण की उठाई मांग

Classification in SC-ST Reservation: आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भील व भील मीना समाज ने समर्थन किया है।
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डूंगरपुर

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Lokendra Sainger

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Updated: 17 Aug 2024, 2:48 PM IST

प्रतीकात्मक तस्वीर

SC/ST Reservation: आदिवासी विकास परिषद ने अनुसूचित जाति-जनजाति आरक्षण अनुसूचित क्षेत्र एवं जनजाति उपयोजना क्षेत्र के लिए कोटा तय करने की मांग उठाई है। परिषद ने डूंगरपुर कलक्टर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्री जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा है।

परिषद के अध्यक्ष रूपलाल डामोर व अन्य ने डूंगरपुर कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि हाशिए पर जा चुके पिछड़े लोगों को एससी-एसटी आरक्षण (Classification in SC-ST Reservation) के कोटे में कोटा देने के लिए उप वर्गीकरण को सुप्रीम कोर्ट ने जायज ठहराया है।

पूर्वी एवं उत्तरी जिले में रहने वाली मीना जनजाति समृद्ध, शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समर्थ रही है। वहीं दक्षिणी राजस्थान में रहने वाला भील, भील मीना समुदाय दूरदराज छोटी- छोटी बस्तियों में रहता आया है।

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भील समाज को नहीं मिला लाभ

परिषद ने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्य सरकार की प्रशासनिक सेवाओं में आरक्षण का ज्यादातर लाभ मीना जनजाति ने उठाया। दक्षिणी राजस्थान के भील, भील मीना केवल अराजपत्रित पदों पर ही लाभ ले पाए हैं। अनुसूचित क्षेत्र /जनजाति उपयोजना क्षेत्र के आदिवासी अब भी पिछड़े हैं, इनकी तुलना मीना जाति के परिवारों से किसी भी दृष्टि से नहीं की जा सकती।

ज्ञापन में मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार जनजाति उप योजना क्षेत्र के भील, भील मीना समुदाय के लिए अनुसूचित जनजाति आरक्षण में जनसंख्या के आधार पर कोटा तय किया जाए।

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