डूंगरपुर जिले के कलस्टर को सौर ऊर्जा आधारित कम्यूनिटी लिफ्ट एरिग्रेशन प्रोजेक्ट में शामिल करेंगे
राज्य बजट को लेकर डूंगरपुर वाले कई उम्मीदें लगाए बैठे थे। जनता के साथ-साथ जनता के जनप्रतिनिधियों को भी आस थी कि सरकार का आखिरी बजट है तो सब कुछ मिलेगा लेकिन बजट में उम्मीदों के अनुरुप डूंगरपुर को जितना मिला था उनता नहीं मिला। जनता की प्रतिक्रिया में भी यहीं था कि डूंगरपुर के विकास को लेकर कुछ नहीं दिखा है।
डूंगरपुर विधानसभा के तहत डूंगरपुर शहर को इस बजट में कुछ नहीं दिया गया। पानी लानी की योजना हो या शहरी विकास के किसी कार्य का जिक्र नहीं था। डूंगरपुर के विकास को लेकर कोई नया प्रोजेक्ट भी इस बजट में नहीं दिया गया है। वागड़ में डूंगरपुर से ज्यादा बांसवाड़ा को मिला है। टीएसपी क्षेत्र के विकास को लेकर भी बड़ी उम्मीदें थी और विधायकों ने प्रस्ताव में भी इस बात को भेजा था लेकिन वैसा कुछ सामने नहीं आया।
डूंगरपुर बांसवाड़ा होकर रतलाम रेल लाइन के लिए राज्य सरकार इस बजट में राशि दें ऐसी उम्मीद थी लेकिन इसका नाम तक नहीं आया। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने इस प्रोजेक्ट के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। बजट को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है और कहा कि बजट में चुनावी घोषणाओं के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा नेताओं का कहना है कि बजट में चुनाव को देखते हुए जो घोषणाएं की है वह कैसे पूरी करेंगे यह सोचने वाली बात है।
बजट में प्रत्येक जिले में मोबाइल टेस्टिंग लैब, हाउसिंग बोर्ड सागवाड़ा में 33/11 केवी जीएसएस की भी घोषणा की गई है। दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारियों ने अपनी कुछ मांगों को पूरी करने पर स्वागत किया है तो आंगनवाड़ी से जुड़े संगठनों ने विरोध जताया कि उनकी उम्मीदों को बजट में नहीं लिया गया।