
The bride-Newly married-Chief Minister Kanya Vivah and Nikah Scheme-Re
देवेन्द्र सिंह/ डूंगरपुर. समाज कल्याण विभाग (Social Welfare Department) की ओर से संचालित विधवा की पुत्री के विवाह के लिए शुरू की गई सहयोग एवं उपहार योजना बजट के अभाव में दम तोड़ती नजर आ रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो डूंगरपुर जिले के 10 ब्लॉक से एक साल में 873 महिलाओं ने आवेदन किया था। 382 स्वीकृत आवेदनों में से अब तक केवल 176 आवेदकों को ही भुगतान हो पाया है। वहीं 152 आवेदन अभी भी पेंडिंग हैं और 382 आक्षेप के कारण रुके पड़े हैं। कई लोग तो भुगतान के लिए सालभर से समाज कल्याण कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, पर बजट का रोड़ा हर बार उन्हें खाली हाथ लौटा रहा है।
यह है योजना
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से महिलाओं के लिए सहयोग एवं उपहार योजना शुरू की गई है। योजना के तहत बीपीएल परिवार, अंत्योदय परिवार, आस्था कार्डधारी परिवार आर्थिक दृष्टि से कमजोर विधवाओं की कन्याओं के विवाह के लिए विभाग की ओर से सहायता राशि प्रदान की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को आवेदन के साथ मूलनिवास प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड सहित कई आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होते हैं। यह योजना जिले में कई साल से चल रही गरीब परिवार की बेटियों के विवाह के लिए सहयोग योजना और विधवा पुत्री विवाह उपहार योजना ( Widow Daughter Marriage Gift Scheme ) को एक साथ जोड़कर अब सहयोग एवं उपहार योजना तैयार की गई थी। आवेदकों को दोनों योजना का लाभ लेने के लिए अब अलग से आवेदन नहीं करना पड़ता।
एक परिवार से दो कन्याओं को मिलता है लाभ
योजना के तहत एक आवेदक के घर की दो कन्याओं का ही योजना का लाभ दिया जाता है। साथ ही आवेदक को बीपीएल परिवार, अंत्योदय परिवार, आस्था कार्डधारी परिवार आर्थिक दृष्टि से कमजोर होना चाहिए। साथ ही ऐसी विवाह योग्य कन्या जिसके माता-पिता दोनों ही जीवित नहीं हो तथा परिवार के किसी भी सदस्य की वार्षिक आय 50 हजार से अधिक नहीं हो वे भी आवेदन के पात्र होंगे।
इस प्रकार मिलता है योजना का लाभ
योजना अनुसार विधवा की पुत्री के दसवीं कक्षा से कम शैक्षणिक योग्यता पर बीस हजार, दसवीं कक्षा के उत्तीर्ण होने पर विभाग 30 हजार रुपए प्रदान किए जाते हैं। इसी प्रकार स्नातक उत्तीर्ण कन्या के विवाह पर 40 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए विवाह तिथि के पहले या छह माह बाद तक आवेदन पत्र जमा करवाया जा सकता है।
अधिकारी कहिन
इस योजना के लिए बजट नहीं मिलने के कारण लाभार्थियों को उपहार की राशि नहीं दी जा सकी। बजट आते ही राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
अशोक कुमार शर्मा, सहायक निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, डूंगरपुर
Published on:
21 Oct 2019 09:17 pm
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