कॉलेजों में प्रवेश के मामले में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। गोविंद गुरु जनजातीय विवि की ओर से इस वर्ष कराए गई पीटीईटी और परिणाम के बाद अब तक ऑन लाइन काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले स्टूडेंट्स की संख्या कम है।
डूंगरपुर/बांसवाड़ा. प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने के युवाओं के क्रेज के बीच शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेजों में प्रवेश के मामले में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। गोविंद गुरु जनजातीय विवि की ओर से इस वर्ष कराए गई पीटीईटी और परिणाम के बाद अब तक ऑन लाइन काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले स्टूडेंट्स की संख्या कम है। 4 वर्षीय बीए-बीएड और बीएससी बीएड में तो हालात यह है कि सीटों के अनुपात में रजिस्ट्रेशन कराने वाले स्टूडेंट्स की संख्या करीब 11 हजार से भी अधिक कम है। कुल सीटों की तुलना में करीब क्रमश: 3867 और 7454 सीटों पर दावेदार ही नहीं है। वहीं दो वर्षीय बीएड में भी सीटों से कुछ ही अधिक स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो उम्मीद के अनुसार नहीं है। ऐसे में कट ऑफ कम रहने और वरीयता में पीछे रहने वाले स्टूडेंट्स को भी प्रवेश तय माना जा रहा है। पीटीईटी में कुल 4 लाख 81036 स्टूडेंट शामिल हुए थे।
तीसरी बार बढ़ाई तारीख, अब 11 तक समय
नोडल विवि पीटीईटी उत्तीर्ण स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख दो बार बढ़ाने के बावजूद संख्या कम आ रही है। विवि ने अब रजिस्ट्रेशन की तारीख तीसरी बार फिर बढ़ाते हुए 11 जुलाई कर दी है। साथ ही स्टूडेंट्स की तकनीकी समस्या समाधान के लिए हेल्प लाइन नंबर भी वेबसाइट पर जारी किया है।
रजिस्ट्रेशन करवाओ प्रवेश पाओ
रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने से यह भी स्पष्ट है कि इस बार कट आफ कम रहेगी। कम प्राप्तांक वाले स्टूडेंट्स यादि ऑनलाइन काउंसलिंग में शामिल होते हैँ तो प्रवेश मिलने की पूरी उम्मीद है।
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यह है स्थिति
कोर्स कुल कॉलेज कुल सीटें अब तक रजिस्ट्रेशन
दो वर्षीय बीएड 940 1,07,430 1,33,869
4 वर्षीय बीए बीएड 441 22,925 19,058
4 वर्षीय बीएससी बीएड 414 20,925 13,466
कोर्स की मान्यता हमेशा रहेगी, घबराएं नहीं रजिस्ट्रेशन करवाएं
एनसीटीई ने गत वर्ष शिक्षक प्रशिक्षण पाठयक्रम में परिवर्तन किए हैं। एक नया कोर्स आईटीईपी लांच किया गया है। जिसे अभी प्रारंभिक स्तर पर शुरू किया गया है। साथ ही अब 4 वर्षीय बीए बीएड और बीएससी बीएड और दो वर्षीय बीएड के नए कॉलेजों को मान्यता नहीं दी जा रही है। 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड में 12वीं पास स्टूडेंट्स प्रवेश लेते हैं। स्टूडेंट्स व पेरेंटस को यह डाउट है कि यह कोर्स यदि वह करते हैं तो कहीं भविष्य में इसकी मान्यता पर संकट न हो जाए और उनका करियर न बिगड़ जाए। जबकि, ऐसा नहीं है। एनसीटीई और राज्य सरकार से इन कॉलेजों व कोर्स की मान्यता है। राज्य सरकार पीटीइटी के जरिए वरीयता अनुसार प्रवेश दे रही है। ऐसे में स्टूडेंट्स घबराएं नहीं और बेहिचक इस कोर्स के लिए पंजीयन करवाएं।
डॉ. मनोज पंड्या, पीटीईटी राज्य समन्वयक