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बॉल थाने में क्या गई पुलिस ने बच्चों को इतना पीटा कि हाथ फ्रैक्चर और दांत टूट गए

छावनी थाना मैदान में हर दिन की तरह रविवार को सुबह करीब 9.30 बजे बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। बैटिंग के दौरान बच्चों की टेनिस बॉल लगकर छावनी थाने में चली गई।

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Satya Narayan Shukla

Dec 18, 2016

Ball in the police station, beaten children so tha

Ball in the police station, beaten children so that the teeth are broken arm fracture

भिलाई.
छावनी थाना मैदान में हर दिन की तरह रविवार को सुबह करीब 9.30 बजे बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। बैटिंग के दौरान बच्चों की टेनिस बॉल लगकर छावनी थाने में चली गई। बच्चों ने पहले ही तय कर रखा था कि थाना में बॉल जाएगा, तो जो बैटिंग करता रहेगा, वह खुद लेकर आएगा। बैटिंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का विनोद सोनकर कर रहा था। वह थाना परिसर में पहुंचा और आरक्षक से पूछकर बॉल उठाई। जब बॉल लेकर लौट रहा था तभी थाने में मौजूद अशोक नाम के जवान ने उसे डंडे से पीट दिया। विनोद के साथ गए एक और खिलाड़ी को भी पीट दिया।


विवेचना के बाद कार्रवाई

घायल विनोद के भाई गोलू सोनकर ने बताया कि घटना के बाद प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने शिकायत ली, लेकिन विवेचना के बाद कार्रवाई करने की बात कह रही है।


बच्चे का हाथ फ्रैक्चर, दांत टूटा

रविशंकर विश्वविद्यालय के पूर्व उपाध्यक्ष रोहन सिंह ने बताया कि छावनी थाना से जब विनोद और एक अन्य खिलाड़ी लौट रहे थे, तो विनोद ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। विनोद का अंगूठा सीधे हाथ का फैक्चर हो गया था। दांत टूट गया, मुंह से खून निकल रहा था, शायद होंठ में चोट लगी थी। दोनों की दशा देखकर अन्य खिलाड़ी हैरान रह गए। खिलाड़ी थाने की बढ़े और पूछा तो जिस जवान ने मारपीट किया था, वह गाली देने लगा।


थाना प्रभारी ने भी दिया जवान का साथ

प्रत्यक्षदर्शी रोहन ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे थाना प्रभारी पहुंचे, तो उनसे मिलने के लिए कुछ युवक गए, जिस जवान ने डंडा चलाया था, वह किसी को भीतर जाने नहीं दे रहा है। इस पर युवकों से उसका विवाद होने लगा। इसके बाद थाना प्रभारी राकेश जोशी बाहर निकले और वे भी जवानों के साथ मिलकर गाली देने लगे।


महिलाओं ने संभाला मोर्चा

सूचना मिलने पर कैंप-2 से करीब 50 महिलाएं थाने पहुंच गईं। वे यहां विरोध जताने जमीन पर बैठ गईं। पुलिस जवान उन्हें थाना प्रभारी की मौजूदगी में हटाने लगे। इस बीच किसी जवान ने लाठी घुमाई जो विनोद की मां को लगी। इससे आक्रोशित महिलाएं उठीं और पैर से चप्पल निकालकर थाना की ओर बढ़ी, महिलाओं को आगे बढ़ते देख, पुलिस ने कदम पीछे खींच लिए।


एफआईआर लिखते हो या नहीं

वे थाना के भीतर जाने लगे। इसके बाद थाना प्रभारी आगे आए और कहा कि यह क्या कर रहे हो। महिलाओं ने कहा कि एफआईआर लिखते हो या नहीं। इस पर थाना प्रभारी ने कहा कि लिख लेते हैं, एफआईआर। पुलिस ने दोपहर करीब 1.30 बजे पिता को शिकायत लिखने के लिए कहा और प्रदर्शनकारियों को थाने से लौटाया।


थाना प्रभारी छावनी राकेश जोशी से सीधी बातचीत

सवाल :- क्रिकेट खेलने वाले बच्चों के साथ पुलिस के जवान से क्या विवाद हुआ?जवाब :- सुबह बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे, बॉल थाने में आई। जहां पुलिस का जब्त किया सामान रहता है। वहां अलग-अलग स्थान से बच्चे पहुंचे। यह देख ड्यूटी में मौजूद जवान ने पूछा कि यहां क्या कर रहे हो। यह कहते हुए उनको फटकारा।सवाल :- पुलिस ने बच्चों पर डंडा चलाया क्या?जवाब :- जवान ने सामान तक आने पर उनको डाटते हुए डंडा चलाया, उससे किसी को चोट नहीं पहुंची।


पुलिस ने पीटा है क्या?

सवाल :- युवक को चोट लगी है, पुलिस ने पीटा है क्या? जवाब :- युवक दीवार फांदकर भीतर आए थे, कूदकर आए थे, तब शायद उनके पैर में लगा हो।सवाल :- पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की ओर से एफआईआर दर्ज कर लिया क्या?

जवाब :- युवक का मुलाहिजा करवा दिए हैं, विवेचना में अगर कुछ गलत होगा तो एफआईआर दर्ज किया जाएगा।