14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन में पहुंचे फिल्ममेकर अनुराग बसु ने कहा भिलाई के बच्चे एडवांस और टैलेंटेड

अपने स्कूल में जब फिल्ममेकर अनुराग बसु पहुंचे तो वे फिर से एक बार बच्चे बन गए। उनकी जुबां से केवल यही निकला यहां के स्टूडेंट्स काफी आगे निकल गए।

2 min read
Google source verification

image

Satya Narayan Shukla

Dec 21, 2016

Filmmaker Anurag Basu arrived in the Golden Jubile

Filmmaker Anurag Basu arrived in the Golden Jubilee Selibersn said Children of Bhilai Advance and Talented

भिलाई
. अपने स्कूल में जब फिल्ममेकर अनुराग बसु पहुंचे तो वे फिर से एक बार बच्चे बन गए। तीन दशक के बाद अपने स्कूल पहुंचे अनुराग ने हर उस जगह को देखा जहां उनकी स्कूल लाइफ की यादें जुड़ी हुई है। स्कूल के उन कमरों में भी झांका जहां कभी वे पढ़ा करते थे। अपनी पुरानी यादों को ताजा कर उनकी जुबां से केवल यही निकला स्कूल की बिल्डिंग वही है, खेल का मैदान वही है पर जो बदला उसमें उनके लगाए पौधे अब पेड़ बन गए और यहां के स्टूडेंट्स काफी आगे निकल गए।


उनके वक्त और आज में जमीन आसमान का अंतर

उन्होंने कहा कि आज स्कूल में लगे साइंस एक्जीविशन को देख बदलाव नजर आया कि उनके वक्त की प्रदर्शनी और आज में जमीन आसमान का अंतर है और भिलाई के बच्चे काफी एडवांस और टैलेंटेड हो गए हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि बीएसपी के सीईओ एम रवि थे। विशेष अतिथि ईडी पीके सिन्हा, आर एस चतुर्वेदी, डीजीएम सौरभ सिन्हा व एजुकेशन डिपार्टमेंट की एजीएम वैशाली सुपे एवं भिलाई महिला समाज की अध्यक्ष एम मणि, उपाध्यक्ष निशा सिन्हा, कल्पना भदोरिया मौजूद थीं।


फिल्ममेकर हूं इसलिए गेस्ट

पत्रिका से बातचीत में अनुराग ने कहा कि उनके बैच के सभी लोग अच्छी पोजिशन और बेहतर फील्ड पर है पर वे फिल्ममेकर बन गए इसलिए आज गेस्ट के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि भिलाई की अपनी अलग ही पहचान है। चूंकि वे बॉलीवुड से हैं, इसलिए आज स्कूल में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में आए हैं पर उनके बैच के लोगों ने भी अपनी -अपनी फील्ड में भिलाई का नाम रोशन किया है और अपनी खास पहचान बनाई है।


भिलाई से दूर नहीं

अनुराग ने कहा कि वे भिलाई से कभी दूर नहीं है। साल- दो साल में जब भी वक्त मिलता है वे भिलाई आ ही जाते हैं। उनकी पहली से आठवीं तक की पढ़ाई इसी स्कूल में हुई और यहां के अपने क्लासमेट से वे अब भी जुड़े हुए हैं। लगातार वे उनके संपर्क में है और वे उनसे मिलते भी है।


यह मेरी क्लास टू थी..

साइंस एक्जीविशन देखने के बाद मंच की ओर बढ़ रहे अनुराग बसु ने अचानक ही एक क्लास का दरवाजा खोलकर अंदर झांका। अंदर बच्चे परफार्मेंस के लिए तैयार होकर बैठे थे। बड़े ही उत्साह के साथ उन्होंने सीईओ को बताया इस रूम में उन्होंने क्लास 2 की पढ़ाई की। वर्तमान में यहां क्लास 3 का बोर्ड लगा हुआ है।


नहीं भूले संस्कार

अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले अनुराग बसु अपने संस्कार नहीं भूले। मंच के नीचे दर्शकदीर्घा में बैठे अपने शिक्षकों को देख उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। अनुराग को पढ़ाने वाली एचएम ट्रेसला जब मंच से नीचे उतर रही थीं तो उनका हाथ थामकर उन्हें नीचे उतारा।


स्कूल की मैग्जीन का भी विमोचन

गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन की शुरुआत में एचएम नीलिमा दयाल ने स्कूल की उपलब्धियों को बताया। इस अवसर स्कूल की मैग्जीन का भी विमोचन अतिथियों ने किया। कार्यक्रम में पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों ने डांस और ड्रामा की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में शामिल होने स्कूल के पूर्व छात्र भी यहां पहुंचे। जिनमें से कई भिलाई के बाहर से यहां आए थे। कार्यक्रम में स्कूल की पूर्व एचएम, ट्रेसला मेडम, आर पन्नालाल, वृंदा जोसफ, राज वाही, अपर्णा बेनर्जी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

ये भी पढ़ें

image