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ताइवान को घेरने की कोशिश में ड्रैगन, सीमा के पास बढ़ी सैन्य की हलचल

ताइवान स्ट्रेट में बढ़ी चीन की गतिविधि, मध्य रेखा पार कर घुसे कई सैन्य विमान। बीजिंग के सख्त रुख और अमेरिकी कदम से बढ़ी हलचल।
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भारत

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Satya Brat Tripathi

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Updated: 14 Feb 2026, 7:56 AM IST

aircraft

Representative image (Photo: X@MoNDefense)

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शनिवार सुबह 6 बजे तक उसके आसपास एक चीनी सैन्य विमान, 8 नौसैनिक जहाज और एक सरकारी पोत देखे गए। सेना ने कहा कि वह हालात पर नजर रखे हुए है और जरूरत के मुताबिक जवाब दिया जा रहा है।

इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को भी चीन की बड़ी सैन्य गतिविधि दर्ज की गई थी। उस दिन 42 चीनी सैन्य विमानों और 11 नौसैनिक जहाजों की मौजूदगी पाई गई। इनमें से 32 विमानों ने ताइवान और चीन के बीच की मध्य रेखा पार की और ताइवान के अलग-अलग हिस्सों के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) में प्रवेश किया। ताइवान की सेना ने कहा कि उसने पूरी स्थिति की निगरानी की और उचित प्रतिक्रिया दी।

इसी बीच, ताइवान की मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल (MAC) ने चीन की “पुनर्एकीकरण” वाली अपील को सख्ती से खारिज कर दिया। इस संबंध में परिषद का कहना है कि यह चीन का पुराना रुख है, जिसका मकसद ताइवान पर दबाव बनाना है। यह बयान तब आया जब चीन के वरिष्ठ नेता वांग हुनिंग ने बीजिंग में ताइवान से जुड़े एक अहम सम्मेलन में “राष्ट्रीय पुनर्एकीकरण” को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने “वन चाइना” नीति और “1992 सहमति” पर जोर देते हुए ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन करने वाली ताकतों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

दूसरी ओर, अमेरिका भी इस मुद्दे पर सक्रिय नजर आ रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ‘प्रोटेक्ट ताइवान एक्ट’ नाम के विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए भारी बहुमत से समर्थन दिया है। इसका मकसद ताइवान पर चीन के बढ़ते दबाव को रोकना है।