8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मात्र 68 किलोमीटर की दूरी पर राजनांदगांव से रायपुर तक 6 टोल प्लाजा, देने पड़ते हैं टैक्स

नेशनल हाईवे में राजनांदगांव,दुर्ग-भिलाई और  रायपुर के बीच 68 किलोमीटर में नियमों को ताक पर रख कर पांच जगह टोल बूथ बनाया गया है।

2 min read
Google source verification

image

Satya Narayan Shukla

Sep 28, 2016

Toll in the city has made the rules aside NH

Toll in the city has made the rules aside NH

भिलाई
. नेशनल हाईवे में राजनांदगांव,दुर्ग-भिलाई और रायपुर के बीच 68 किलोमीटर में नियमों को ताक पर रख कर पांच जगह टोल बूथ बनाया गया है। सभी टोल बूथ पर टोल टैक्स वसूले जा रहे हैं।


60 किलोमीटर की दूरी एक टोल बूथ

वीआईपी तो बिना टोल दिए निकल जाते हैं इसलिए उन्हें लोगों की परेशानी का शायद अहसास नहीं। इसी वजह से नियम के विपरीत बनाए गए टोल बूथों का वे विरोध नहीं करते।आपको बता दें कि नेशनल हाईवे के नियमावली के अनुसार फोरलेन पर 60 किलोमीटर की दूरी एक टोल बूथ लगाए जाने का प्रावधान है।


प्रावधानों की अनदेखी

यहां नेशनल हाईवे और राज्य शासन दोनों इन प्रावधानों की अनदेखी कर रहा है। निर्माण और मरम्मत के नाम इन टोल बूथों को निजी संस्था को ठेका वाहन चालकों की जेब पर डाका डालने का लाइसेंस प्रदान कर दिया है। टोल जैसे गंभीर मसले पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल भी उठ रहे हैं। आखिर जनप्रतिनिधि इस मु²े पर चुप्पी क्यों साधे हैं।


नियम के मुताबिक होना चाहिए एक टोल

एनएच-53 पर राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई-3, कुम्हारी और रायपुर बसा है। इनकी बीच की दूरी पर गौर करें तो राजधानी से राजनांदगांव की दूरी लगभग 68 किलोमीटर है। नियम के मुताबिक दोनों के बीच में एक टोल होना चाहिए था। यहां नियमों को ताकपर रखकर ठाकुर टोला, दुर्ग बायपास उरला, कोसा नाला भिलाई, खारुन नदी कुम्हारी और देवेन्द्र नगर रायपुर सहित कुल पांच स्थानों पर टोल बूथ स्थापना की अनुमति दी गई है। फोरलेन का निर्माण करने वाले निजी एजेंसियों ने 6 स्थानों पर टोल बूथ की स्थापना कर टैक्स भी ले रहे हैं।


स्टैंडर्ड का दावा पर हिचकोले लेते वाहन

भले ही नेशनल हाईवे दावा करें कि एनएच के स्टैंडर्ड के अनुसार रोड का निर्माण किया है। लेेकिन रोड पर सफर करने से नहीं लगता है कि वाहन फोरलेन पर चल रही है। अप-डाउन, गड्ढे के कारण वाहन हिलकोले मारने लगता है। देश में कहीं मानक के अनुसार निर्मित रोड के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे का उदाहरण दिया जाए, तो इसमें कोई अतिश्योंक्ति नहीं होगी। रोड क्वालिटी के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। आगरा से 180 किलोमीटर नोएडा दिल्ली तक मात्र दो स्थानों पर टोल बूथ की स्थापना की गई है।


सांसद से सिर्फ एक सवाल

आपको नहीं लगता है कि आप टोल से मुफ्त में निकल जाते हैं। इसलिए इसका विरोध नहीं करते? जवाब-मुफ्त में निकलने वाली कोई बात नहीं है। जनहित का मुद्दा है। मैं इस टोल बूथ के स्थापना के मामले को सदन में रखूंगा। नियम विरूद्ध बनाए गए टोल को हटाने की मांग करूंगा।

ये भी पढ़ें

image