नगर निगम में हरेली तिहार (उत्सव) का उत्साह अफसरों की लापरवाही के कारण राजनीति के भेंट चढ़ गया। अफसरों ने आमंत्रण पत्र में विदेश प्रवास के कारण महापौर चंद्रिका चंद्राकर का नाम नहीं लिखवाया। यह सत्ताधारियों को रास नहीं आया और उद्घाटन समारोह में पहुंचकर जमकर हंगामा मचाया।
दुर्ग. नगर निगम में हरेली तिहार (उत्सव) का उत्साह अफसरों की लापरवाही के कारण राजनीति के भेंट चढ़ गया। अफसरों ने आमंत्रण पत्र में विदेश प्रवास के कारण महापौर चंद्रिका चंद्राकर का नाम नहीं लिखवाया। यह सत्ताधारियों को रास नहीं आया और उद्घाटन समारोह में पहुंचकर हंगामा मचाया। भाजपा के पार्षदों ने इसे महापौर का अपमान करार देते हुए विधायक की मौजूदगी में मंच के सामने जमकर नारेबाजी की। इस पर भी बात नहीं बनीं तो कार्यक्रम का बहिष्कार कर लौट गए।
निगम प्रशासन ने छपवाए कार्ड
निगम प्रशासन द्वारा पोटिया के कबीर सत्संग भवन में हरेली तिहार मनाया गया। इस कार्यक्रम के निगम प्रशासन द्वारा आमंत्रण पत्र छपवाकर बंटवाया गया था। इसमें महापौर चंद्रिका चंद्राकर का नाम नहीं था। इसे लेकर एक दिन पहले भी भाजपा पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद निगम प्रशासन द्वारा आनन-फानन में महापौर के नाम के साथ नया आमंत्रण पत्र छपवाकर बंटवाया गया था।
कमिश्नर ने मानी चूक, मंच से जताया खेद
मंच पर कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह के लिए जैसे ही विधायक अरुण वोरा पहुंचे लोककर्म प्रभारी दिनेश देवांगन के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने कमिश्नर सुनील अग्रहरि से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। इस पर कमिश्नर सुनील अग्रहरि ने सबके सामने चूक स्वीकार की और इसके लिए खेद भी व्यक्त किया। साथ ही नया कार्ड बटवाने की भी जानकारी दी।
पार्षद ने लहराए कार्ड, विरोध में नारेबाजी
कमिश्नर के जवाब से भाजपा पार्षद संतुष्ट नहीं हुए और मंच के सामने खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान भाजपा पार्षदों ने साथ लेकर आए आमंत्रण पत्र भी लहराए। उनका आरोप था कि उन्हें महापौर के बिना नाम वाले कार्ड बांटे गए हैं। महापौर के नाम वाले केवल गिनती के कार्ड छपवाकर खानापूर्ति कर लिया गया है।
महिलाओं के प्रतिरोध पर लौटे भाजपाई
कार्यक्रम का विरोध कर रहे भाजपा पार्षदों को कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। मंच के सामने खड़े पार्षदों के सामने महिला कार्यकर्ता खड़ी हो गई और भाजपाइयों पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए जमकर खरीखोटी सुनाई। इसके बाद भाजपाई कार्यक्रम का बहिष्कार की घोषणा कर लौट गए।