9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

विधवा बहू के साथ अत्याचार! टोनही कहकर किया प्रताड़ित… चरित्र पर लांछन, न्यायालय के आदेश पर जांच शुरू

Widow harassment in CG: दुर्ग जिले में पति की मौत के बाद ससुराल पक्ष द्वारा टोनही बताकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने, दहेज की मांग करने और घर से जबरन निकालने का गंभीर मामला सामने आया है।

2 min read
Google source verification
टोनही कहकर किया प्रताड़ित... चरित्र पर लांछन(photo-AI)

टोनही कहकर किया प्रताड़ित... चरित्र पर लांछन(photo-AI)

Widow harassment in CG: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पति की मौत के बाद ससुराल पक्ष द्वारा टोनही बताकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने, दहेज की मांग करने और घर से जबरन निकालने का गंभीर मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर महिला थाना सेक्टर-06 भिलाई में आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 498ए और 34 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

Widow harassment in CG: पति की मौत के बाद शुरू हुई प्रताड़ना

पीड़िता के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद सास शिवकुमारी वर्मा, ससुर विजय वर्मा और देवर सुरेश वर्मा द्वारा लगातार उसे टोनही कहकर ताने दिए जाते थे। उस पर जादू-टोना कर पति की जान लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। साथ ही उसके चरित्र पर भी लांछन लगाते हुए अवैध संबंधों के आरोप लगाए गए।

दहेज में 5 लाख रुपये और जमीन ट्रांसफर का दबाव

पीड़िता ने बताया कि ससुराल पक्ष द्वारा उस पर मायके से 5 लाख रुपये लाने का दबाव बनाया गया। इसके साथ ही पति के नाम ग्राम बोड़ में स्थित दो एकड़ कृषि भूमि को देवर के नाम करने की मांग भी की गई। इनकार करने पर उसे धमकाया गया और उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया।

हत्या और बदनाम करने की धमकी का आरोप

पीड़िता के अनुसार, देवर द्वारा उसे हत्या कर देने और समाज में बदनाम करने की लगातार धमकियां दी जाती थीं। इन धमकियों के चलते वह लंबे समय तक मानसिक प्रताड़ना और भय के माहौल में जीने को मजबूर रही, जिससे उसकी सामाजिक और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा।

जबरन मायके छोड़ा, बेटी को रखा अपने पास

पीड़िता ने बताया कि 17 जून 2023 को आरोपियों ने उसे जबरन कार में बैठाकर मायके ग्राम दनिया छोड़ दिया। इस दौरान उसकी 8 वर्षीय बेटी काव्या को अपने पास रख लिया गया। उसे केवल पहने हुए कपड़ों में मायके भेजा गया, जबकि उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, गहने और करीब 1.50 लाख रुपये नकद सहित अन्य सामान ससुराल में ही रख लिया गया।

बेटी लेने गई तो घर में घुसने नहीं दिया

बाद में जब पीड़िता अपने परिजनों के साथ अपनी बेटी को लेने ससुराल पहुंची, तो आरोपियों ने घर में प्रवेश करने से रोक दिया और बच्ची को सौंपने से साफ इंकार कर दिया। लगातार उपेक्षा और प्रताड़ना से परेशान होकर अंततः पीड़िता को न्याय पाने के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।

कोर्ट के आदेश पर मिली बेटी, फिर दर्ज हुई FIR

न्यायालय के आदेश पर 20 अक्टूबर 2023 को पीड़िता को उसकी बेटी वापस दिलाई गई। इससे पहले महिला थाना में लिखित शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने धारा 156(3) दंप्रसं के तहत न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया।

कोर्ट के निर्देश पर अब महिला थाना भिलाई में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। महिला थाना पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।