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15 साल बाद मीनाक्षी नगर के छह परिवारों को ये बात पता चली, तो उनके होश उड़ गए

शहर के पॉश कालोनी मीनाक्षी नगर बोरसी में आधा दर्जन से ज्यादा नागरिकों का खसरा नंबर बदल दिए जाने का मामला सामने आया है।
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दुर्ग

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 25 Jul 2018, 7:43 PM IST

Durg patrika

15 साल बाद मीनाक्षी नगर के छह परिवारों को ये बात पता चली तो उनके होश उड़ गए

दुर्ग. शहर के पॉश कालोनी मीनाक्षी नगर बोरसी में आधा दर्जन से ज्यादा नागरिकों का खसरा नंबर बदल दिए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले का खुलासा विचाराधीन प्रकरण के निराकरण के दौरान सुनवाई में हुआ। पीडि़तों ने इस आशय की शिकायत तात्कालीन पटवारी के खिलाफ पद्मनाभपुर पुलिस चौकी में की है।

पांच वर्ष पहले तात्कालीन पटवारी ने कूटरचित दस्तावेज जारी किया

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मीनाक्षी नगर में वे 15 वर्ष से मकान बनाकर रह रहे हैं। जिस खसरा नंबर के प्लाट की रजिस्ट्री कराई गई है उसी नंबर के आधार पर उन्होंने नगर पालिक निगम से विधिवत अनुमति ली है। पांच वर्ष पहले तात्कालीन पटवारी ने कूटरचित दस्तावेज जारी किया है, जिसमें छह लोगों का खसरा नंबर बदल दिया है। इसी दस्तावेज के आधार पर गलत ढंग से शिकायतें भी की जा रही है।

इनके जमीन का खसरा नंबर बदला
सतीश तिवारी, वंदना पंडोले, जया देवी, श्यामला चौधरी, तापस चौधरी, पसोदा।

इसलिए है अपराध
पीडि़तों का कहना है कि मीनाक्षी नगर के जमीन का अभी बंदोबस्त त्रुटि सुधार नहीं हुआ और न ही खसरा नंबर बदला गया है। ऐसी स्थिति में अभिलेख से छेडख़ानी करना अपराध है। विचाराधीन प्रकरण में भी पटवारी अभिलेख की सत्यापित प्रतिलिपि बदलने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया है। इसलिए यह अपराध की श्रेणी में आता है।

पटवारी सेवानिवृत्त
जानकारी के मुताबिक जिस रिपोर्ट को नागरिक गलत पता रहे है उसे तात्कालीन पटवारी केएल सोनवानी ने जारी किया है। वर्तमान में पटवारी सेवानिवृत्त हो गया है।

मामले की जांच
पद्मनाभपुर चौकी प्रभारी शिव प्रसाद गेंदले ने बताया कि मामले में शिकायत आई है। शिकायत की जांच व अभिलेखों को देखने के बाद कुछ कह पाउंगा। मामले की जांच की जा रही है।

आवेदन लगाए जाने से प्रकरण सामने आया
अधिवक्ता श्यामला चौधरी ने कहा कि मुहल्ले में नाली सड़क को लेकर विवाद चल रहा है। प्रकरण राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है। सुनवाई के दौरान सत्यापित प्रति बदलने आवेदन लगाए जाने से प्रकरण सामने आया। जांच के बाद एफआईआर करने आवेदन दिया गया है।