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CG Election: बुरे फंसे नेता जी, अब स्टार प्रचारक ने सभा में प्रत्याशी का लिया नाम तो खाते में जुड़ेगा पूरा खर्च

चुनाव के दौरान मतदाताओं को रिझाने के लिए बुलाए जाने वाले स्टार प्रचारक अब सीधे तौर पर प्रत्याशी के नाम का जिक्र कर मतदान की अपील नहीं कर पाएंगे।
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दुर्ग

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Dakshi Sahu

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Updated: 13 Oct 2018, 10:53 AM IST

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CG Election: बुरे फंसे नेता जी, अब स्टार प्रचारक ने सभा में प्रत्याशी का लिया नाम तो खाते में जुड़ेगा पूरा खर्च

दुर्ग. चुनाव के दौरान मतदाताओं को रिझाने के लिए बुलाए जाने वाले स्टार प्रचारक अब सीधे तौर पर प्रत्याशी के नाम का जिक्र कर मतदान की अपील नहीं कर पाएंगे। यदि ऐसा किया तो इसका खामियाजा प्रत्याशी को उठाना पड़ेगा। ऐसे सभा अथवा सम्मेलन का सारा खर्च प्रत्याशी द्वारा किया जाना मान लिया जाएगा।

निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव में पारदर्शिता व प्रत्याशियों द्वारा प्रचार में अनावश्यक धन राशि खर्च कर मतदाताओं को प्रभावित करने की प्रवृत्ति पर अंकुश के मद्देनजर कदम उठाए जा रहे हैं।स्टार प्रचारक पार्टी की सभाओं में केवल पार्टी का नाम अथवा चुनाव चिन्ह का जिक्र कर मतदान की अपील कर सकेंगे। ऐसा किए जाने पर खर्च पार्टी के खाते में जोड़ा जाएगा।

चुनाव खर्च की सीमा के साथ बढ़ी सख्ती
विधानसभा चुनाव में खर्च को 16 लाख रुपए से बढ़ाकर २८ लाख किया गया है। इसी के साथ आयोग ने सख्ती भी बढ़ा दी है। अभी से निगरानी शुरू कर दी गई है। खर्च सीमा के उल्लंघन व कार्रवाई से बचने प्रत्याशी अपने समर्थकों के नाम पर खर्चा प्रदर्शित करने का तरीका अपनाते हैं। इस बार नए प्रावधानों के मुताबिक अब समर्थकों का खर्च भी प्रत्याशियों के खाते में जोड़ा जाएगा।

प्रत्याशी को मतदान से पहले 3 बार छपवाना होगी अपनी कुंडली
नेताओं को अब चुनाव से पहले अपनी कुंडली खुद ही तीन बार अखबारों में प्रकाशित करवाना होगी। इसमें चल-अचल संपत्ति, आपराधिक प्रकरणों की जानकारी शामिल होगी। ऐसा नहीं करने पर आयोग उम्मीदवार को अयोग्य करार देगा। शपथ पत्र नामांकन वापसी की प्रक्रिया के बाद और प्रचार थमने मतदान के दो दिन पहले तक अखबारों में कम से कम तीन बार प्रकाशित कराना होगा। इसमें कोर्ट में चल रहे अथवा निपट चुके आपराधिक प्रकरण की जानकारी जरूरी होगी।

बारीकी से रखी जाएगी नजर
एडीएम दुर्ग संजय अग्रवाल ने बताया कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आयोग के इस आदेश की जानकारी दे दी गई है। आयोग के मुताबिक प्रत्याशियों के अलावा राजनीतिक दलों को भी इन नियम का पालन करना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने पर अभ्यर्थी को अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी बीबी पंचभाई ने बताया कि चुनाव के दौरान आयोग द्वारा तय नियमों का पालन गंभीरता से हो इसके लिए व्यवस्थाएं की जा रही है। निर्देश के मुताबिक उम्मीदवारों के खर्च पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।